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बाराबंकी: ऋतुराज के आगमन से नवजीवन का होता है संचार- प्रमोद वाजपेयी


बाराबंकी । स्व. गोकुल प्रसाद एवं स्व. रामकुमारी सेवार्थ ट्रस्ट द्वारा शुक्रवार को गांधी भवन में वसंत पंचमी के अवसर पर सरस्वती पूजन का आयोजन किया गया। इस मौके पर नगर पुरोहित पं नंदन कुमार मिश्रा ने बताया कि वसंत पंचमी पर मां सरस्वती की पूजा करने वाला व्यक्ति ज्ञानवान और विद्यावान वाला होता है। वसंत ऋतु को ऋतुराज भी कहा जाता है। बसंत ऋतु हमें नई ऊर्जा, नई चेतना और नए उमंग का एहसास कराती है। इस ऋतु का सभी जीव जन्तुओं और मनुष्यों के जीवन में बड़ा ही महत्व है। वहीं वरिष्ठ सपा नेता प्रमोद वाजपेयी ने कहा कि शरद ऋतु की विदाई के साथ ही ऋतुराज का आगमन पेड़, पोधों और प्राणियों में नवजीवन का संचार करते है। बसंत ऋतु प्रकृति का उत्सव है। माघ महीने की शुक्ल पंचमी को बसंत पंचमी होती है तथा इसी दिन से बसंत ऋतु की शुरुआत होती है। जिस प्रकार मनुष्य जीवन में यौवन आता है उसी प्रकार बसंत इस सृष्टि का यौवन है। भारतीय समाज की मिश्रित संस्कृति और सभ्यता को जनमानस की बीच जागृति करने के लिए ही अपने माता पिता की स्मृति में ट्रस्ट बनाया जिससे इन परम्पराओं को जीवान्त बनाए रखा जा सके। समाजवादी चिन्तक राजनाथ शर्मा ने कहा कि वसंत ऋतु हमारे जीवन में एक अद्भुत शक्ति लेकर आती है। हिन्दू मान्यताओं के अनुसार इसी ऋतु में ही पुराने वर्ष का अंत होता है और नए वर्ष की शुरुआत होती है। इस ऋतु के आते ही चारों तरफ हरियाली छाने लगती है। सभी पेड़ों में नए पत्ते आने लगते हैं। इसी स्वाभाव के कारण इस ऋतु को ऋतुराज कहा गया है। इस ऋतु का स्वागत बसंत पंचमी किया जाता है। इस मौके पर प्रमुख रूप से शिवशंकर शुक्ला, विनय कुमार सिंह, मृत्युंजय शर्मा, सत्यवान वर्मा, मनीष सिंह, अशोक जायसवाल, रंजय शर्मा, नीरज दूबे, पाटेश्वरी प्रसाद, संतोष शुक्ल, राजेश यादव सहित कई लोग मौजूद रहे।

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