जायसः एयर कमोडोर विपुल सिंह उन्नति के पथ पर अग्रसर
January 29, 2026
जायस/अमेठी। फुरसतगंज एयर कमोडोर विपुल सिंह, निदेशक इग्रुआ की नियुक्ति के बाद से उन्नति के पथ पर अग्रसर इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी। भारत सरकार नागर विमानन मंत्रालय द्वारा विगत 15 मई 2026 को प्रभार ग्रहण करने के बाद से इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी प्रगति पथ पर अग्रसर है। विगत 15 मई से उड़ान के घंटों में पहले के 54ः से बढ़कर सिर्फ आठ महीने में 78ः हो गया है। इससे उड़ान अकादमी के विमानों ने विगत वित्तीय वर्ष में 9000 घंटे उड़ान भरी थी जो बढ़कर 17000 घंटे हो गयी है और निरंतर वृद्धि हो रही है। अकादमी के उड़ान अनुदेशको तथा क्षात्रों ने सभी अवकाश के दिनों में भी रात - दिन उड़ान भरी है। विपुल सिंह जी की दूरदर्शिता और कुशल नेतृत्व से इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी भविष्य में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अग्रसर है। स्मरणीय है की इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी की स्थापना 7 नवंबर 1985 को हुई थी, यह सम्पूर्ण भारत में नागर विमानन मंत्रालय के अधीन सभी संसाधनों से लैस एक मात्र विमानन प्रशिक्षण संस्थान है। इग्रुआ के पास अपनी हवाई पट्टी, एटीसी, इंजीनियरिंग,थल, अनुदेशन,सिम्युलेटर आदि संसाधन है। सभी संसाधनों से लैस अकादमी से पासआउट प्रशिक्षु पायलट देश विदेश की नामचीन एयरलाइन कंपनियों में सेवारत हैं। वर्तमान में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी के पास 13 विमान है और भविष्य में 05 विमान अकादमी में शामिल होने वाले हैं।
