अमेठीः कोर्ट का आदेश बेअसर, नहीं हटा कब्जा
January 18, 2026
अमेठी। जोगापुर गांव में ग्रामसभा की जमीन को लेकर सालों से चला आ रहा झगड़ा एक बार फिर तूल पकड़ने लगा है। परगना आसल के जोगापुर गांव की गाटा संख्या 393, जो इमारती लकड़ी वन खाते की सुरक्षित भूमि बताई जाती है, आज भी अवैध कब्जे में पड़ी है। गांव की माला देवी पत्नी राम अधार ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। मामला तब बिगड़ा जब इसी जमीन पर गांव के जवाहर लाल पुत्र रामसहाय के नाम 150 वर्गमीटर का आवास पट्टा कर दिया गया। माला देवी ने इसे गलत बताते हुए अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) अमेठी की अदालत में मुकदमा दायर किया। कोर्ट ने सुनवाई के बाद पट्टा निरस्त करने का साफ आदेश दे दिया। कोर्ट के आदेश के बाद 3 सितंबर 2025 को उपजिलाधिकारी अमेठी ने भी ग्रामसभा की जमीन से अतिक्रमण हटवाने का आदेश जारी किया। लेकिन गांव वालों का कहना है कि लेखपाल मौके पर आए जरूर, पर मड़हा और शौचालय को हाथ तक नहीं लगाया। उल्टे जनसुनवाई में सब ठीक होने की आख्या लगा दी गई। आज भी जवाहर लाल का मड़हा और शौचालय वहीं का वहीं खड़ा है। इसी वजह से गांव का रास्ता बंद पड़ा है और लोगों को खेतों और घरों तक आने-जाने में दिक्कत हो रही है। माला देवी का कहना है कि उन्होंने कई बार तहसील में प्रार्थना पत्र दिया, मगर सिर्फ तारीख पर तारीख मिल रही है, कार्रवाई जीरो है। गांव में अब खुलकर चर्चा हो रही है कि अगर प्रशासन ने जल्द ध्यान नहीं दिया तो ग्रामीण एकजुट होकर तहसील का घेराव करने को मजबूर होंगे। माला देवी ने कहा, “कोर्ट से पट्टा रद्द हो गया, एसडीएम साहब का आदेश भी निकल चुका है। फिर भी मड़हा नहीं हट रहा। ग्रामसभा की जमीन खाली कराकर रास्ता खुलवाया जाए, ताकि गांव का हक गांव को मिल सके।” बोले जिम्मेदार - इस संबंध में उपजिलाधिकारी आशीष कुमार सिंह अमेठी ने बताया कि “मामले की जांच कराई जा रही है। अगर ग्रामसभा की जमीन पर अवैध कब्जा पाया गया है तो उसे हटवाने की कार्रवाई नियमानुसार जल्द कराई जाएगी। लेखपाल से आख्या मंगवाई गई है।”
