बीसलपुर। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए कानून के विरोध में बीसलपुर में आंदोलन तेज होता जा रहा है। इसी क्रम में युवा विकास संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन पाठक के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने नगर में जुलूस निकालकर राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा। नितिन पाठक अपने आवास से सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ नारेबाजी करते हुए नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने ज्ञापन सौंपकर यूजीसी के नए कानून को तत्काल रद्द किए जाने की मांग की।
ज्ञापन में संगठन की ओर से आरोप लगाया गया कि यूजीसी का यह कानून शिक्षा संस्थानों में समरसता को तोड़ने वाला है। इसमें सवर्ण वर्ग के छात्रों को पहले से ही आरोपी मानने जैसी भावना झलकती है, जिससे छात्र अपने साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ आवाज नहीं उठा पाएंगे और हीन भावना से ग्रसित हो जाएंगे। इससे शिक्षा संस्थान दूषित होंगे और समानता के नाम पर जातीय राजनीति को बढ़ावा मिलेगा। नितिन पाठक ने कहा कि देश में पहले से ही अनुसूचित जाति एवं जनजाति के संरक्षण के लिए कई कानून मौजूद हैं, लेकिन सवर्ण समाज की सुरक्षा के लिए कोई कानून नहीं है। ऐसी स्थिति में यह कानून छात्रों को आत्महत्या या देश छोड़ने जैसी परिस्थितियों में धकेल सकता है, जो देश की एकता और अखंडता के लिए घातक है। ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति से मांग की गई कि देशहित, छात्रहित और सामाजिक समरसता को ध्यान में रखते हुए इस कानून को तत्काल वापस लिया जाए। इस मौके पर राजू मिश्रा, लक्ष्मी कांत मिश्रा, नितिन शुक्ला, अभिषेक शुक्ला, प्रियांश मिश्रा, रुपेश शुक्ला, ज्ञानेंद्र मिश्रा, श्रवण शुक्ला, सर्वेश शुक्ला, दीपक शुक्ला, प्रदीप शुक्ला, अनीश खान, अली खान, जुनैद खान, जीशान खान, शमशुल खान, रवि शर्मा, रितिक मिश्रा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
