अमेठीः अज्ञात लोगों ने दलित महिला को पीटा, एसपी से लगाई गुहार
January 27, 2026
अमेठी। जनपद की पुलिस व्यवस्था की कमान इस वक्त तेज तर्रार महिला आईपीएस अधिकारी अपर्णा रजत कौशिक के हाथों में हैं। उसके बाद भी जिले के पीपरपुर थाना क्षेत्र में पीड़ित दलित महिला न्याय के लिए भटक रही हैं। पीपरपुर थाना क्षेत्र के हारीपुर की निवासी दलित महिला शिवकुमारी 19 जनवरी 2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय अमेठी प्रार्थना पत्र लेकर पहुंची थी। जहां पर पुलिस अधीक्षक अमेठी श्रीमती अपर्णा रजत कौशिक को दिए प्रार्थना पत्र में शिवकुमारी ने बताया कि। 8 जनवरी 2026 को वह सुल्तानपुर से अपने बेटे से मुलाकात कर लौट रही थी। तभी शाम लगभग 6रू30 बजे कल्याणपुर - टिकरी मार्ग पर बैधिकपुर के पास घात लगाकर बैठे 5 लोग सामने आ गये। जाति सूचक गाली देते हुए गाड़ी रूकवाने का प्रयास किया। गाड़ी नहीं रोकने पर उक्त लोगों द्वारा बांस के डंडे से हमला किया गया। जिससे गाड़ी समेत शिवकुमारी और उसका बेटा रोड़ पर गिर गये। उक्त लोगों द्वारा लाठी - डंडे से शिवकुमारी को बुरी तरह पीटा गया। अचानक हुए इस जानलेवा हमले में शिवकुमारी देवी को गंभीर चोटें आई। पीड़ित दलित महिला और उसके बेटे ने जब गुहार लगाई तो आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। पीड़िता के बेटे ने डायल 112 पर घटना की सूचना दी, सूचना के बाद घटनास्थल पर डायल 112 और स्थानीय पुलिस पहुंची। पीड़िता के सामने ही डायल 112 ने घटना की जानकारी प्रभारी निरीक्षक थाना पीपरपुर श्रीराम पांडेय को दी। डायल 112 पुलिस ने इंसानियत को शर्मशार करते हुए घटनास्थल पर घायल पड़ी पीड़िता को एम्बुलेंस भी उपलब्ध कराना उचित नहीं समझा। पीड़िता के परिजनों ने घटनास्थल से गुजर रहे एक स्थानीय ष्बैट्री रिक्शा डाला ष् की मदद से पीड़ित महिला को गंभीर हालत में समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भादर पहुंचाया। जहां पर लगभग 24 घंटे पीड़िता का इलाज चला लेकिन आरोपी खुलेआम घूम रहे थे। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद पीड़ित महिला शिवकुमारी ने थाना पीपरपुर पहुंच कर प्रार्थना पत्र दिया। जिसमें अर्पित उपाध्याय, सचिन उपाध्याय पुत्रगण संजय उपाध्याय एवं संजय उपाध्याय पर आरोप लगाया। जबकि पीड़ित महिला ने बताया की वह 2 लोगों को पहचान नहीं सकी। पीड़ित दलित महिला शिवकुमारी ने थाना प्रभारी पीपरपुर पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया है। पीड़िता के मुताबिक 8 जनवरी 2026 की घटना से पहले भी वो थाना प्रभारी पीपरपुर को प्रार्थना पत्र देकर आयी थी। जिसमें पीड़ित महिला ने अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई थी। जिस पर थाना प्रभारी पीपरपुर द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई जिससे दबंगों के हौसले को और बल मिला और उन्होंने इस जानलेवा घटना को अंजाम दिया। 8 जनवरी की घटना को आज लगभग 11 दिन बीत चुके हैं पर अभी तक पीड़िता का मुकदमा भी दर्ज नहीं हुआ है। जिससे पीड़ित दलित महिला शिवकुमारी के आरोपों को भी बल मिलता प्रतीत हो रहा है। वही इस प्रकरण के सम्बंध में जब थाना प्रभारी पीपरपुर से बात की गई तो उन्होंने बताया की प्रकरण की जांच की जा रही हैं। जांच के उपरांत उचित वैधानिक कार्यवाही की जायेगी।
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