बैरिया/बलिया। मनुष्य का जीवन केवल भोग-विलास के लिए नहीं, बल्कि आत्मकल्याण के लिए है। उक्त बातें स्वामी हरिहरानंद जी महाराज ने मकर संक्रांति के अवसर पर रानीगंज बाजार स्थित सन्तोष सोनी के घर पर उपस्थित लोगों को प्रवचन के दौरान कहा साथ ही कहा कि यह संसार नश्वर है। यहां जो दिखता है वह सदा रहने वाला नहीं। धन, पद, प्रतिष्ठा और शरीर सब समय के साथ नष्ट हो जाते हैं। लेकिन राम नाम-स्मरण और सत्कर्म मनुष्य को भवसागर से पार लगाते हैं।
महाराज जी समझाते थे कि भक्ति कोई दिखावा नहीं, बल्कि अंतःकरण की पवित्रता है। यदि मन निर्मल है विचार शुद्ध है और कर्म सत्य पर आधारित है तो वही सच्ची पूजा है। केवल मंदिर जाना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि अपने व्यवहार में भी धर्म को उतारना आवश्यक है।
उन्होंने युवाओं को विशेष संदेश देते हुए कहा कि काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार मनुष्य के सबसे बड़े शत्रु हैं, जो इन पर विजय पा लेता है वही सच्चा विजेता है। संयम, सेवा और सदाचार से ही जीवन सफल बनता है। जो दूसरों के दुःख को अपना समझ ले, वही सच्चा साधक है।
उन्होंने समाज को जोड़ने, आपसी प्रेम बढ़ाने और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हुए कहा कि मनुष्य को इस कलिकाल में अखण्ड हरिकीर्तन करना अति आवश्यक है। इस मौके पर विनोद सोनी, संदेश सोनी, गणेश सोनी, अशोक सिंह, परशुराम मिश्रा, छोटू सोनी सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
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