सूरतगंज/बाराबंकी। सऊदी अरब की राजधानी रियाद में वाहन चलाने का झांसा देकर एक एजेंट द्वारा युवक से 1 लाख 30 हजार रुपये की ठगी का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित युवक को ड्राइवरी के बजाय फार्महाउस में ऊंट, भेड़ और बकरियों की देखभाल के काम में लगा दिया गया। बीमार पड़ने पर काम छोड़ने के बाद सऊदी पुलिस ने युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। भारत लौटने पर जब पीड़ित ने अपने रुपये वापस मांगे तो एजेंट ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। स्थानीय पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज न किए जाने से आहत पिता ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।
थाना मोहम्मदपुर खाला क्षेत्र के कस्बा सूरतगंज निवासी मोहम्मद अय्यूब ने पुलिस अधीक्षक को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनका पुत्र मो. आकिब बेरोजगार था। इसी दौरान उसकी मुलाकात कस्बे के उबैद उर्फ उबैदुर्ह्मान से हुई, जिसने खुद को एजेंट बताते हुए सऊदी अरब के रियाद शहर में ड्राइवर की नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। इसके एवज में एजेंट ने 1 लाख 30 हजार रुपये ले लिए, जिसमें 60 हजार रुपये ऑनलाइन और 70 हजार रुपये नकद दिए गए।
आरोप है कि एजेंट ने जो वीजा दिया, उस पर पेशा ‘पर्सनल ड्राइवर’ लिखा हुआ था। इसी वीजा पर आकिब सऊदी अरब पहुंचा, लेकिन वहां उसे करीब 400 किलोमीटर दूर एक फार्महाउस में भेजकर ऊंट, भेड़ और बकरियों की देखभाल का काम सौंप दिया गया। खराब स्वास्थ्य के चलते जब आकिब ने काम छोड़ दिया और शहर की ओर गया तो सऊदी पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। करीब 25 दिन जेल में रहने के बाद उसे भारत वापस भेज दिया गया।
घर लौटने पर जब आकिब ने एजेंट उबैद से अपने रुपये वापस मांगे तो आरोप है कि उसने गंदी-गंदी गालियां दीं और जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़ित द्वारा स्थानीय थाने में शिकायत करने के बावजूद पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया और मामले को टालती रही। अंततः थक-हारकर मंगलवार को पीड़ित के पिता मोहम्मद अय्यूब ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर एजेंट के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
अब देखना यह है कि पुलिस प्रशासन इस गंभीर ठगी और मानव तस्करी जैसे आरोपों पर कब तक ठोस कदम उठाता है।
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