बीसलपुर। आजाद हिंद फौज के संस्थापक और महान क्रांतिकारी नेता नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती ग्राम बड़ागांव स्थित बड़ाताल परिसर में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत नेताजी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर की गई।
मुख्य वक्ता के रूप में किसान नेता एवं प्रांतीय संरक्षक, क्रांतिकारी विचार मंच उत्तर प्रदेश, देव स्वरूप पटेल ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने देश की आजादी के नायकों का नेतृत्व किया। उनका स्पष्ट मत था कि केवल असहयोग आंदोलन से नहीं, बल्कि सशस्त्र क्रांति के माध्यम से ही भारत को अंग्रेजों की गुलामी की जंजीरों से मुक्त कराया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि नेताजी का यह भी विचार था कि आजादी के बाद कम से कम दो दशकों तक देश के गांव-गांव और घर-घर प्रशिक्षण अभियान चलाया जाना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियां यह समझ सकें कि देश गुलाम कैसे हुआ, आजादी के लिए कितनी कुर्बानियां दी गईं और भविष्य में यदि कोई आजादी को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करे तो देशहित में क्या कदम उठाए जाने चाहिए।कार्यक्रम में राम बहादुर गंगवार, सरदार अंग्रेज सिंह, राम अवतार गंगवार, जेवलाल, प्यारे कश्यप, अरविंद मौर्य, सोमपाल भारती, बनवारी लाल, सागर गंगवार, राम गोपाल, राम दास, नरेंद्र कुमार, अशोक पटेल, हरगोविंद, पप्पू गंगवार, विजय बहादुर, सत्य प्रकाश, प्रेम पाल, महेंद्र पाल, संतोष कुमार, भगवान दास, अंगन लाल, गिरीश चंद्र, पाती राम, जावित्री देवी, रोशन लाल राजपूत, राम सेवक शर्मा, रामवीर सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण व कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन नेताजी के आदर्शों पर चलने का संकल्प लेकर किया गया।
