अमेठीः एसओजी व मुंशीगंज पुलिस की मुस्तैदी! 1203 दुर्लभ कछुओं को मिला नया जीवन, तीन अरेस्ट
January 29, 2026
अमेठी। प्रकृति और वन्यजीवों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए अमेठी पुलिस ने एक बड़ी मानवीय मिसाल पेश की है। देर रात की गई एक साहसिक कार्रवाई में पुलिस ने न केवल तस्करों के मंसूबों को नाकाम किया, बल्कि 1203 दुर्लभ कछुओं को क्रूरता से बचाकर उन्हें एक नया जीवनदान दिया है। पुलिस अधीक्षक श्रीमती अपर्णा रजत कौशिक के निर्देशन में एवं अपर पुलिस अधीक्षक ज्ञानेन्द्र कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में थाना मुंशीगंज पुलिस टीम व प्रभारी स्वाट टीम उ0नि0 अनूप कुमार सिंह मय टीम द्वारा चेकिंग के दौरान अमेठी-मुंशीगंज रोड पर मुंशीगंज चैराहे की तरफ से आ रही महिन्द्रा मैक्स पिकअप वाहन सं0 यूपी 46 टी 7135 को रोककर पिकअप पर सवार तीनों व्यक्तियों से नाम व पता पूछा गया तो पहले ने अपना नाम रमेश पुत्र हजारी निवासी ग्राम गांधीनगर मजरे पालपुर थाना जगदीशपुर जनपद अमेठी उम्र करीब 35 वर्ष, दूसरे ने अपना नाम राजेश पुत्र गिरधारी निवासी ग्राम गांधीनगर मजरे पालपुर थाना जगदीशपुर जनपद अमेठी उम्र करीब 66 वर्ष तथा तीसरे ने अपना नाम वीरेन्द्र विक्रम पुत्र प्रेमी प्रसाद निवासी ग्राम भगवानपुर थाना मल्हीपुर जनपद श्रावस्ती उम्र करीब 42 वर्ष बताया । प्रभारी निरीक्षक शिवाकान्त त्रिपाठी ने बताया कि संदिग्ध प्रतीत होने पर कड़ाई से पूछताछ करने पर रमेश उपरोक्त ने बताया कि पिकअप में ऊपर की ओर केला लदा हुआ है तथा नीचे की ओर कछुआ लदे हुए हैं जिन्हें वह तीनों लोग जगदीशपुर से लादकर बनारस बेंचने के लिए जा रहे थे । पिकअप की तलाशी लेने पर कुल 1203 कछुए (प्रतिबन्धित वन्य जीव) बरामद हुए । प्रभारी निरीक्षक श्री त्रिपाठी ने कहा कि अभियुक्त रमेश की जामा तलाशी से बरामद कुल 60,000- रुपये के संबन्ध में पूछने पर उसने बताया कि उन्होनें कुछ कछुओं को राह चलन्तू व्यक्तियों को बेंच दिया था जिससे उक्त 60,000- रुपये प्राप्त हुए हैं । उन्होने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों ने पूछताछ में बताया कि यह कछुए उन लोगों ने तालाब व नदी से इकट्ठा करते हैं जिन्हें आज जगदीशपुर से लोड करके बनारस बेंचने के लिए जा रहे थे जहां पर इन कछुओं की अच्छी कीमत मिल जाती है ।
