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पीलीभीतः प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने हेतु कार्यक्रम हुआ सपन्न! प्राकृतिक खेती ग्रामीण भारत की मजबूती का आधार- श्री कृष्ण


पीलीभीत। खमरिया पुल स्थित परमअक्रियधाम में बुधवार को प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लोकभारती के तत्वावधान में व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पीलीभीत सहित आसपास के क्षेत्रों से लगभग 300 किसानों ने हिस्सा लिया। मुख्य अतिथियों ने प्राकृतिक खेती को लागत रहित, सुरक्षित और लाभकारी बताते हुए किसानों को रसायनमुक्त खेती अपनाने की दिशा में प्रेरित किया।

जिसमें कार्यक्रम के मुख्य वक्ता संजय उपाध्याय ने कहा कि प्राकृतिक खेती भारतीय परंपरा की मूल पद्धति है और इसे अपनाकर किसान न केवल खेती की लागत घटा सकते हैं बल्कि मिट्टी की उर्वरा शक्ति भी बढ़ा सकते हैं।

उन्होंने कहा देसी गाय का गोबर और गोमूत्र खेत के लिए अमृत समान है। एक गाय से तैयार जैविक उत्पादों से 30 एकड़ तक प्राकृतिक खेती की जा सकती है। रासायनिक खादों के उपयोग से मिट्टी कमजोर हो रही है। किसानों को अपने खेतों को फिर से जिंदा करने के लिए प्राकृतिक पद्धति अपनानी चाहिए।

कार्यक्रम में मौजूद दूसरे मुख्य अतिथि श्री कृष्ण ने अपने संबोधन में प्राकृतिक खेती को सामाजिक और सांस्कृतिक आंदोलन बताया। उन्होंने लोकभारती द्वारा ग्रामीण और कृषि क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा प्राकृतिक खेती केवल खाद बनाने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर किसान और स्वस्थ समाज का मार्ग है। रसायनमुक्त कृषि से जमीन, भोजन और पर्यावरण तीनों शुद्ध होते हैं। गाय, कृषि और गांव ये तीनों मिलकर भारत की वास्तविक पहचान बनाते हैं। वहीं  कार्यक्रम के तीसरे मुख्य अतिथि बालमुनि ने किसानों को जीवामृत, घनजीवामृत, बीजामृत और दश परिणी अर्क बनाने की संपूर्ण विधि समझाई।

प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने स्टेप-बाय-स्टेप तरीके से घोल तैयार करते हुए किसानों की शंकाओं का समाधान किया। उन्होंने कहा,“इन जैविक घोलों का उपयोग मिट्टी को जीवंत बनाता है और फसल की गुणवत्ता बढ़ाता है। प्राकृतिक खेती में लागत लगभग समाप्त हो जाती है और किसान रसायन आधारित कृषि के नुकसान से भी बच जाते हैं।

प्रशिक्षण के दौरान बड़ी संख्या में किसान नोट्स बनाते दिखे। कई किसानों ने जैविक घोलों की तैयारी की प्रक्रिया को दोहराने का अभ्यास किया। किसानों ने कहा कि आधुनिक खेती की बढ़ती लागत के बीच प्राकृतिक खेती भविष्य का स्थायी समाधान साबित हो सकती है।कार्यक्रम का संचालन बी.एल. गंगवार ने किया।आयोजन में लोकभारती के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। पूरा कार्यक्रम महामंडलेश्वर एवं बरखेड़ा विधायक स्वामी प्रवक्तानंद महाराज के आशीर्वाद से सम्पन्न हुआ।

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