पीलीभीत: कोहरे में डूबी कार साधुओं और माझी की बहादुरी ने बचाई चार जिंदगियां! घने कोहरे के कारण खटीमा से आ रही कार शारदा नदी में गिरी मानवीय साहस और तत्परता ने मौत को मात दी
December 27, 2025
पीलीभीत। पूरनपुर क्षेत्र में शुक्रवार देर रात मौसम ने अपनी दूसरी चुनौती पेश की। घना कोहरा सड़क पर फैल चुका था, जिससे विजिबिलिटी बेहद कम हो गई थी। शारदा पार से गुजरते समय खटीमा से आ रही एक कार चालक की नजरें सड़क से ओझल हो गईं और देखते ही देखते कार फिसलकर शारदा नदी में जा गिरी।कार में सवार चार युवक अर्जुन गुप्ता, अभिषेक गुप्ता, आदित्य वर्मा और अनंत रघुवंशी (सभी निवासी संपूर्णनगर, लखीमपुर खीरी) अचानक इस भयंकर स्थिति में फंस गए। कार में पानी भरने लगा और हालत गंभीर होने लगी। लेकिन चारों ने घबराने की बजाय हिम्मत दिखाई। उन्होंने किसी तरह कार का शीशा खोला और बाहर निकलकर डूबती कार की छत पर चढ़ गए। ठंडे पानी में बुरी तरह भीगने और अंधेरी रात में सहायता के लिए चिल्लाने के बावजूद उनकी उम्मीदों ने उन्हें जीवित रखा। करीब आधे घंटे तक वे जिंदगी और मौत के बीच झूलते रहे।नदी किनारे स्थित दुकान पर काम कर रहे पप्पू (निवासी चंदिया हजारा) ने उनकी मदद के लिए आवाज सुनी। उन्होंने बिना देर किए कल्पवास में रह रहे साधुओं को सूचना दी। मौके पर पहुंचे बाबा राघवदास ने स्थिति की गंभीरता समझते हुए घाट पर रहने वाले बबलू माझी को बुलाया। बांस की लाठियों और साधुओं के मार्गदर्शन में चारों युवकों को एक-एक कर सुरक्षित बाहर निकाला गया। ठंड के बावजूद साधुओं ने आग जलाई और उन्हें गर्माहट प्रदान की।हादसे की जानकारी मिलने पर हजारा थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी शरद यादव ने बताया कि सभी युवक सुरक्षित हैं और उन्हें उनके घर भिजवा दिया गया। रात में अंधेरा और तेज बहाव के कारण कार को नदी से बाहर नहीं निकाला जा सका। सुबह स्थानीय लोगों की भीड़ नदी किनारे जमा हुई और पुलिस ने कार को बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की।यह हादसा एक बार फिर साबित करता है कि घना कोहरा और सड़कों पर लापरवाही कितनी खतरनाक साबित हो सकती है। वहीं, इंसानियत और साहस की मिसाल भी देखने को मिली। साधुओं और माझी की तत्परता ने चार परिवारों की खुशियों को बहाल किया और इस घटना ने सभी के दिलों में यह संदेश छोड़ दिया कि मुश्किल हालात में भी साहस और सहयोग जीवन बचा सकता है।
