पीलीभीत: गन्ना पर्चियों में सैनिकों को विशेष सम्मान, लागू होगा सैनिक कोटा! 01 जनवरी से प्रभावी होगी व्यवस्था, सैनिकों को शीघ्र मिलेगी गन्ना आपूर्ति सुविधा
December 27, 2025
पीलीभीत। उत्तर प्रदेश के गन्ना आयुक्त द्वारा जारी नवीन गन्ना सट्टा नीति के अंतर्गत राष्ट्र सेवा में समर्पित सैनिकों एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को विशेष सम्मान प्रदान करते हुए गन्ना पर्ची निर्गमन में सैनिक कोटा लागू किया गया है। इस नीति के तहत सेवारत सैनिकों, अर्द्धसैनिक बलों के जवानों, भूतपूर्व सैनिकों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों तथा उनके विधिक उत्तराधिकारियों को गन्ना आपूर्ति में प्राथमिकता दी जाएगी।गन्ना आयुक्त उत्तर प्रदेश द्वारा जारी नीति के अनुपालन में गन्ना विकास विभाग पीलीभीत ने जनपद की समस्त सहकारी गन्ना विकास समितियों को सैनिक कोटा सुविधा प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं, जिससे सैनिक कृषक सदस्यों को प्रत्यक्ष लाभ मिल सके।जिला गन्ना अधिकारी खुशी राम भार्गव ने जानकारी देते हुए बताया कि सैनिक कृषक सदस्यों को गन्ना आपूर्ति में 20 प्रतिशत सैनिक कोटा की सुविधा प्रदान की गई है। इस व्यवस्था के अंतर्गत सामान्य कृषकों को उनकी निर्धारित एसएमएस गन्ना पर्चियां पूरे 12 पक्षों में जारी होंगी, जबकि सैनिकों एवं उनके उत्तराधिकारियों को उनकी समस्त निर्धारित पर्चियां 10वें पक्ष तक उपलब्ध करा दी जाएंगी, जिससे उन्हें शीघ्र गन्ना आपूर्ति का लाभ प्राप्त होगा।उन्होंने बताया कि यह सुविधा 01 जनवरी 2026 से प्रभावी होगी। यदि किसी सैनिक या भूतपूर्व सैनिक के नाम भूमि न होकर उनके माता या पिता के नाम सट्टा दर्ज है, तो सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने पर उन्हें भी इस सुविधा का लाभ दिया जाएगा। सेवारत सैनिकों के लिए एडजूटेन्ट तथा अर्द्धसैनिक बलों के लिए कमांडेंट अथवा कंपनी कमांडर द्वारा प्रदत्त पहचान-पत्र मान्य होगा।वर्तमान पेराई सत्र में जनपद की समस्त सहकारी गन्ना विकास समितियों के कुल 405 सट्टों पर सैनिक कोटा लागू किया जाना है, जिसमें सहकारी गन्ना विकास समिति पीलीभीत, मझोला, पूरनपुर एवं बीसलपुर क्षेत्र के सैनिक, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं उनके वारिस सम्मिलित हैं।गन्ना आपूर्ति में सैनिक कोटा की यह व्यवस्था न केवल सैनिक सदस्यों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता का प्रतीक है, बल्कि राज्य सरकार की उस प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है, जिसके अंतर्गत सेवारत सैनिकों, पूर्व सैनिकों एवं शहीदों के आश्रितों तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जा रहा है।
