लखनऊ। राजधानी में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों और रोहिंग्या के खिलाफ गुरुवार को महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आईं। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद महापौर स्वयं नगर निगम और ईटीएफ की टीम के साथ गुडंबा थाना क्षेत्र के निकट शंकरपुरवा प्रथम वार्ड के बहादुरपुर पहुंचीं, जहां बड़ी संख्या में अवैध रूप से बांग्लादेशी और रोहिंग्या झुग्गीदृझोपड़ियां डालकर रह रहे थे।जैसे ही माननीय महापौर का काफिला क्षेत्र में पहुंचा, वहां रहने वाले कई बांग्लादेशी एवं रोहिंग्या युवक मौके से भागते नजर आए, जबकि कई महिलाएं अपनी झोपड़ियों में छिपने लगीं। महापौर द्वारा टीम के माध्यम से सभी से आधार कार्ड, एनआरसी प्रमाण पत्र और अन्य वैध दस्तावेज मांगे गए, लेकिन अधिकांश बांग्लादेशी और रोहिंग्या कोई भी पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं कर सके। इस पर महापौर ने कड़ा रुख अपनाते हुए तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए।
कार्रवाई के दौरान अपर नगर आयुक्त ललित कुमार, जोनल सेनेटरी अधिकारी अजीत राय, नगर निगम की टीम तथा ईटीएफ के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। जांच के दौरान वहां खड़ी अवैध 50 ठेलिया को मौके पर ही जप्त कर लिया गया। इसके साथ ही दो टाटा मैजिक वाहन, जिनका उपयोग अवैध रूप से कूड़ा ढोने में किया जा रहा था, उन्हें भी तुरंत जप्त किया गया। महापौर ने मौके पर ही बिजली विभाग के एसडीओ को भी बुलाया और क्षेत्र में लगे सभी अवैध बिजली कनेक्शनों को तत्काल काटने का निर्देश दिया। महापौर ने वहां मौजूद अवैध बांग्लादेशियों एवं रोहिंग्या से सख्त लहजे में कहा कि उन्हें केवल 15 दिन का समय दिया जा रहा है। इस अवधि में यदि वे वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करते हैं, तो उन्हें क्षेत्र पूरी तरह खाली करना होगा।
