बीसलपुर। किर्गिस्तान में फंसे पीलीभीत जनपद के 12 लोगों में से 9 लोगों की सकुशल भारत वापसी हो गई है। शुक्रवार सुबह सभी लोग बरेली पहुंचे, जहां किसान नेता देव स्वरूप पटेल ने उनसे मुलाकात कर हालचाल जाना। विदेश में फंसे मजदूरों की सुरक्षित वापसी केंद्रीय राज्य मंत्री एवं पीलीभीत सांसद जितिन प्रसाद की तत्परता से संभव हो सकी।
किसान नेता देव स्वरूप पटेल ने बताया कि 10 दिसंबर को जैसे ही उन्हें किर्गिस्तान में 12 पीलीभीतवासियों के फंसे होने की जानकारी मिली, उन्होंने उनके परिजनों से संपर्क कर यशवंत्री देवी मंदिर में बैठक करवाई। इसके बाद पीड़ित परिवारों की पीड़ा को लिखित रूप में केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद तक व्हाट्सएप के माध्यम से पहुंचाया गया।मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने 12 दिसंबर को पीड़ित परिजनों को दिल्ली बुलाया। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में बैठक के दौरान उन्होंने किर्गिस्तान के विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से सीधे वार्ता कर सभी को सुरक्षित भारत लाने के निर्देश दिए। मंत्री ने परिजनों को उसी दिन आश्वस्त कर दिया था कि 24 से 30 दिसंबर के बीच सभी लोग घर लौट आएंगे।निर्देशों के बाद 22 दिसंबर को सभी के वीजा उपलब्ध कराए गए और 24 दिसंबर को नौ लोगों की भारत वापसी का टिकट कराया गया। सभी 26 दिसंबर की सुबह मुंबई एयरपोर्ट पहुंचे, जहां से दिल्ली व मथुरा होते हुए 27 दिसंबर को बरेली पहुंचे।
हालांकि ग्राम जिरोनिया मजरा सेमर गोटिया के हरिशंकर, ग्राम भूड़ा पिपरिया के रामासरे तथा ग्राम बैजू नगर के श्यामचरन अभी किर्गिस्तान में हैं। उनके वीजा जारी हो चुके हैं। केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने 26 दिसंबर को पुनः किर्गिस्तान के अधिकारियों से वार्ता कर तीनों को 30 दिसंबर तक भारत भेजने का भरोसा दिलाया है।
घर लौटे सभी नौ लोगों ने किसान नेता देव स्वरूप पटेल के माध्यम से प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद एवं भाजपा संगठन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विदेश में प्राइवेट एजेंटों के झांसे में न आने की अपील करते हुए अपने साथ हुई करीब एक करोड़ रुपये की ठगी की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई और धन वापसी की मांग भी की।
