सोनभद्र।बिल्ली स्थित कृष्णा माइनिंग खदान हादसे में 5 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। 52 घंटे बीत जाने के बाद भी रेस्क्यू टीम लगातार मलबा हटाने में जुटी है। जिलाधिकारी बद्रीनाथ सिंह ने बताया कि रेस्क्यू अपने अंतिम चरण में है और जल्द आखिरी शव को भी बाहर निकाल लिया जाएगा। घटना के बाद माइंस संचालक समेत तीन लोगों पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने उनकी तलाश तेज कर दी है। इस हादसे ने खनिज विभाग और जिला प्रशासन की लापरवाही को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोग आरोप लगा रहे हैं कि जिले में सैकड़ों खदानें बिना सुरक्षा मानकों के संचालित हो रही हैं। सोनभद्र में खनन सिंडिकेट का दबदबा इतना मजबूत बताया जा रहा है कि सैकड़ों करोड़ का अवैध खनन खुलेआम जारी है। यह हादसा सुरक्षा मानकों की अनदेखी का भयावह उदाहरण बनकर सामने आया है। सूत्रों की माने तो और लोग थे परसेंटेज पर।
1- राजू सिंह गोंड पुत्र त्रिवेणी सिंह 40 वर्ष निवासी परसोई टोला अमेरीनिया ओबरा।
2 - संतोष यादव 30 वर्ष पुत्र शोभनाथ यादव, करमसार, पनारी ओबरा।
3- इंद्रजीत यादव 32 वर्ष पुत्र शोभनाथ यादव, करमसार, पनारी ओबरा।
4- रविन्द्र उर्फ नानक 18 वर्ष पुत्र राजकुमार, कचनरवा कोन ।
5- रामखेलावन पुत्र सीताराम उम्र लगभग 40 वर्ष निवासी पनारी टोला खङरी थाना ओबरा।
