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बिहार में करारी हार के बाद प्रशांत किशोर का छलका दर्द!कहा-चुनाव परिणाम आने के बाद नींद नहीं आई


बिहार विधानसभा चुनावों में जन सुराज पार्टी को मिली करारी हार ने प्रशांत किशोर की नींद उड़ा दी है. प्रशांत किशोर ने खुद स्वीकार किया कि यह नतीजा उनके लिए बहुत बड़ा झटका है. उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम आने के बाद से उन्हें ठीक से नींद नहीं आई है क्योंकि जन सुराज ने अपेक्षा से कहीं कम प्रदर्शन किया. पीके ने कहा कि मैं ईमानदारी से कहूं तो नतीजे आने के बाद मैं ठीक से सो नहीं पाया हूं, लेकिन जब तक आप हार नहीं मानते तब तक आप हारे नहीं हैं.

चुनावी रणनीतिकार से राजनीति में एंट्री करने वाले प्रशांत किशोर ने कहा कि उनकी राजनीति किसी चुनावी जीत-हार से आगे की है. उन्होंने कहा कि अगर हम बिहार को बदलना चाहते हैं तो एक चुनाव से हारकर पीछे नहीं हट सकते. यह लंबी लड़ाई है और मैं इसे पूरी ताकत के साथ जारी रखूंगा.

बिहार चुनाव 2025 में जन सुराज ने पहली बार बड़े पैमाने पर चुनाव लड़ा था. हालांकि पार्टी एक भी सीट नहीं जीत सकी. कई सीटों पर उम्मीदवारों का वोट शेयर बहुत कम रहा. जनसुराज को ग्रामीण इलाकों में उम्मीद से ज्यादा समर्थन मिला, लेकिन वह जीत में तब्दील नहीं हो पाया. प्रशांत किशोर ने एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में ये बातें कही हैं.

जन सुराज पार्टी ने 243 में से 228 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे. पहले चर्चा थी कि खुद प्रशांत किशोर भी चुनाव लड़ सकते हैं. कहा जा रहा था कि या तो वो करहगर सीट से चुनाव लड़ेंगे या फिर तेजस्वी यादव के खिलाफ ताल ठोकेंगे. हालांकि उन्होंने चुुनाव न लड़ने का फैसला किया. जनसुराज को बिहार में करीब 16.74 लाख वोट मिले. हालांकि उनकी पार्टी किसी भी सीट पर जीत दर्ज नहीं कर पाई. अगर वोट प्रतिशत की बात करें तो जनसुराज को कुल 3.34 प्रतिशत समर्थन मिला, जो एक नई पार्टी के लिए छोटा नहीं माना जाता. उन्होंने साफ कहा कि उन्हें वोट न मिलना कोई अपराध नहीं लगता. उनका कहना था कि उन्होंने चुनाव में कभी जाति या धर्म का सहारा नहीं लिया और आगे भी ऐसा नहीं करेंगे. उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि वह बिहार से जाने वाले नहीं हैं और जन सुराज का काम जारी रहेगा.

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