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प्रतापगढः सौभाग्यशाली लोगों को भागवत कथा श्रवण करने का सौभाग्य प्राप्त होता है- अतुल जी महाराज


  • विश्राम दिवस(अंतिम दिवस) की कथा में उमड़ा श्रोताओं का जनसैलाब
  • सात दिनों तक बही संगीतमयी श्रीमद भागवत कथा पुराण की बयार

कोहड़ौर/प्रतापगढ। जनपद मुख्यालय से10 दूरी की दूरी पर स्थित मंगरौरा विकास खंड के मकुनपुर अंचल के सूर्यगढ़ ग्रामसभा से आयोजित संगीतमयी सात दिवसीय भागवत कथा पुराण का आयोजन उमानाथ दुबे व दुर्गाप्रसाद दुबे के संयोजन व उनके कुलगुरु आचार्य गंगेश्वर प्रसाद पाण्डेय जी सानिध्य में उनके सूर्यगढ़ आवास पर वृंदावन धाम से पधारे हुए कथा व्यास अतुल जी महाराज के मुखार बिंदु से कथा श्रवण करने का सुअवसर प्राप्त हुआ।विदित हो कथा के मुख्य यजमान कमला देवी पत्नी उमानाथ दुबे,सुरमिला दुबे पत्नी दुर्गा प्रसाद दुबे व शोभावती दुबे पत्नी संतोष कुमार दुबे एवं निशा दुबे पत्नी पवन कुमार दुबे जी रहे। श्रीमद भागवत कथा पुराण का शुभारंभ 10 नवम्बर को हुआ और 16 नवम्बर रविवार को सातवें दिन कथा का समापन हुआ। अंतिम व विश्राम दिवस की कथा में महाराज जी ने प्रभु के सोलह हजार एक सौ आठ पटरानियों की कथा का विस्तार पूर्वक वर्णन किया एवं महाराज जी द्वारा कथा के बीच बीच में उपस्थित श्रोताओं के अनुकरण हेतु तमाम जीवनोपयोगी दृष्टांत भी प्रस्तुत करते रहे। महाराज जी प्रस्तुत भजन से श्रोतागण मंत्रमुग्ध हो जाते थे।विदित हो कि छठवें दिन शनिवार की कथा में कथाव्यास अतुल महाराज जी ने प्रभु के रासलीला , रुक्मिणी विवाह व राजा मुचकुंद व कालिवन व कालिया के भी कथा का भी सुंदर वर्णन कर उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया था और शेष कथा का वर्णन सातवें दिन रविवार को कथाव्यास जी ने श्रवण कराया एवं अपने सुमधुर भजनों व विदाई गीत के साथ भक्तिमय माहौल में कथा का समापन किया और भागवत कथा पुराण के बारे में बताया कि बहुत ही सौभाग्यशाली लोगों को भागवत कथा पुराण सुनने का अवसर प्रदान होता और सात दिनों तक सिर्फ यजमान को ही नहीं, कथा श्रवण कर रहे श्रोताओं को भी कथा सुनने का फल प्राप्त होता है।कथा के समापन पर कथाव्यास जी ने सभी के प्रति आभार प्रकट करते हुए यह भी कहा कि यदि मेरे द्वारा कोई भी त्रुटि हो तो उसको भी आप सभी क्षमा करेंगे।इन्हीं शब्दों के साथ श्री महाराज जी ने कथा का समापन किया। विदित हो कि श्री वृंदावन धाम से पधारे हुए कथाव्यास अतुल महाराज जी द्वारा कही गई सुंदर सराहनीय कथा की क्षेत्र में चर्चा है।उक्त अवसर पर सिद्धार्थ दुबे, गौतम दुबे,संजीव दुबे,श्रवण दुबे,चंद्रेश दुबे,अखिलेश दुबे,सूरज दुबे,शैलेश दुबे,सत्यप्रकाश दुबे,संदीप दुबे,प्रशांत दुबे, अनिरूद्ध दुबे, प्रतीक दुबे,रुद्र, देव , श्रवण शुक्ल, जिला पंचायत सदस्य इंद्रदेव तिवारी, विमलचंद मिश्रष्दीपष्सहित तमाम संभ्रांत श्रोतागण मौजूद रहे।


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