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प्रतापगढः चिकित्सा के क्षेत्र में हिंदी भाषा अति उपयोगी- ओम प्रकाश


प्रतापगढ़। भारतीय भाषा अभियान काशी प्रांत की प्रतापगढ़ इकाई द्वारा हिंदी दिवस पखवाड़ा का कार्यक्रम डॉ० सोने लाल पटेल स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के सभागार में आयोजित हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित करके राष्ट्रगान के साथ हुई। अतिथियों के परिचय एवं स्वागत के बाद मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रतापगढ़ के विभाग प्रचारक ओमप्रकाश ने अपने उद्बोधन में बताया कि हिंदी केवल हमारी मातृभाषा ही नहीं,बल्कि राष्ट्र की सांस्कृतिक विरासत और भावनात्मक एकता का प्रतीक है।यह भाषा हमें अपनी जड़ों से जोड़ती है और राष्ट्रीय पहचान को सुदृढ़ बनाती है।14 सितंबर 1949 को भारत की संविधान सभा में एक ऐतिहासिक फैसला लिया गया। इस दिन, संविधान के निर्माताओं ने अनुच्छेद ३४३(१)के तहत यह तय किया कि देवनागरी लिपि में लिखी गई हिंदी भारत गणराज्य की आधिकारिक भाषा होगा। उन्होंने सभी छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि कभी भी किसी प्रकार की समस्या आने पर कोई गलत कदम ना उठाएं आप अपने परिवार की आमूल्य धरोहर हैं असफलता मिलने पर मन में नकारात्मक सोच न रखें सदैव सकारात्मक सोचें सफलता अवश्य मिलेगी।कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि  डॉक्टर रश्मि यादव उप प्राचार्य डॉक्टर सोनेलाल पटेल राज्य चिकित्सा महाविद्यालय ने अपने उद्बोधन में बताया कि मैं स्वयं हिंदी माध्यम से पढ़ी हूं और प्राय हिंदी में बातचीत किया करती हूं मुझे किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होती है जबकि मुझे अधिकतर अंग्रेजी में लिखना पढ़ना पड़ता है।हिंदी आत्म सम्मान और स्वाभिमान की भाषा हिंदी भाषा का प्रयोग करने से अच्छी अनुभूति होती है। अति विशिष्ट तिथि मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अच्युत नारायण प्रसाद ने अपने उद्बोधन में कहा कि सभी को मातृभाषा के सम्मान के लिए अपनी स्थानीय भाषा में बातचीत करनी चाहिए हमारे चिकित्सक व अन्य स्वास्थ्य कर्मी को पत्राचार हिंदी में करना चाहिए जबकि वह अंग्रेजी का इस्तेमाल करते हैं मेरे द्वारा पत्राचार प्रायः हिंदी भाषा में किया जाता है।आप सभी छात्राओं को अपनी स्थानीय भाषाओं को महत्व देना चाहिए। अति विशिष्ट अतिथि डॉक्टर जयप्रकाश वर्मा ने अपने उद्बोधन में बताया कि मरीज से हिंदी में बातचीत करने से वह अपने आप को सहज महसूस करते हैं और जब उनको हिंदी भाषा में स्पष्ट रूप से दवा के उपयोग के बारे में बताया जाता है तो उसके अच्छे से प्रयोग करते हैं इसलिए चिकित्सा के क्षेत्र में हिंदी का बड़ा महत्व है हम सभी चिकित्सकों को हिंदी का प्रयोग अधिकतर करना चाहिए। कार्यक्रम में गरिमामई उपस्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचारक प्रवीण व जिला कार्यवाह हेमंत कुमार की रही। इस मौके पर सम्मानित होने वाले चिकित्सकों में प्रमुख रूप से डॉक्टर सुधाकर सिंह, डॉ ० दीपिका केसरवानी,एसीएमओ डॉ० अभय नारायण राय, चिकित्सा महाविद्यालय के पैथोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ० अमित,जिला प्रतिरक्षण अधिकारी महेश कुमार सहित आदि रहे। इस मौके पर चिकित्सा महाविद्यालय के छात्राओं द्वारा हिंदी भाषा में प्रश्नोत्तरी और नाटक का मंचन कर चिकित्सा क्षेत्र में हिंदी भाषा की उपयोगिता की बारीकियों से बताया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वारिष्ठ अधिवक्ता राजा राम सरोज व संचालन अधिवक्ता शिवेश कुमार शुक्ल ने किया। इस मौके पर प्रमुख रूप से सहसंयोजक अभिषेक शर्मा एडवोकेट, परमानंद मिश्र,डॉक्टर क्षमा तिवारी, डॉक्टर पटेल, डॉक्टर दीपिका पांडेय,डॉक्टर अवंतिका पांडेय, श्रेया, वैष्णवी,आयुष, स्वास्तिक,चिन्मय, विजय,अलअनीन, शुभम सिंह के साथ ही चिकित्सा महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। महाविद्यालय प्रांगण में सभी अतिथियों द्वारा पौध रोपण का भी कार्यक्रम किया गया।अंत में भारतीय भाषा अभियान के जिला संयोजक महेश कुमार गुप्ता ने सभी आगंतुकों एवं अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम में सहयोग हेतु चिकित्सा महाविद्यालय के स्टाफ के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।

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