श्रीकांत सिंह(बीजपुर रिपोर्टर)
बीजपुर/सोनभद्र। म्योरपुर खण्ड शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय बिछियारी में अन्य शिक्षक अटैच कर संचालित करने की जिमेदारी दी गईं थी जहा मौजुद शिक्षक मध्याह्न भोजन बच्चों को खिलाकर समय से पहले बच्चो का छुट्टी कर विद्यालय बंद कर चल दिए। भ्रमण के दौरान पता चला कि विद्यालय दोपहर 12 बजे बंद मिला बिछियारी विद्यालय के बाहर एक रसोइया मिली जिससे पूछने पर पता चला की एक शिक्षक आए थे जो की मध्याह्न भोजन बच्चों को कराने के बाद छुट्टी कर 12 बजे विद्यालय बंद कर चले गए। इस तरह के कारनामों से शिक्षा व्यवस्था कैसे सुधरेगा पिछड़े इलाके के बच्चों के भविष्य के साथ यह भगोड़े शिक्षक कब तक खिलवाड़ करते रहेंगे और जिन जिमेदार अधिकारियो की जिमेदारी व्यवस्था सुधारने की है। उन्ही के लचर कारनामों व निजी स्वार्थ की वजह से दीन प्रतिदिन शिक्षा व्यवस्था सुधरने की बजाय बिगड़ती जा रही है। लचर शिक्षा व्यवस्था की वजह से अभिभावको का परिषदीय विद्यालयों से विश्वास टूटते जा रहा है। जिसकी वजह से विद्यालयों की अभिलेख में भले ही बच्चों का नामांकन अधिक दिखाया जा रहा है। लेकीन जमीनी हकीकत टटोलना हो तो विद्यालयों में बच्चो की संख्या दिन प्रतिदिन कम होने के कारण समायोजन होने की नौबत आ गई है। इस संदर्भ में बेसिक शिक्षा अधिकारी सोनभद्र मुकुल आनंद पाण्डेय ने बताया की मामला संज्ञान में आया है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
