पीलीभीत। बिगत दिवस रक्षाबंधन जैसे पवित्र और पारिवारिक त्यौहार पर शहर में एक विवाद ने पूरे माहौल को तनावपूर्ण बना दिया। आसाम चैराहा स्थित बदनाम स्वीट्स से खरीदी गई बर्फी में कीड़ा मिलने के आरोप ने न केवल ग्राहकों को झकझोर दिया, बल्कि किसान संगठन भाकियू टिकैत और स्थानीय व्यापारियों को आमने-सामने खड़ा कर दिया।भाकियू टिकैत के जिला उपाध्यक्ष दशरथ सिंह ने आरोप लगाया कि उन्होंने रक्षाबंधन के दिन अपने घर के लिए पांच किलो बर्फी खरीदी। लेकिन जैसे ही पैकेट खोला गया, परिवार के सदस्यों ने उसमें कीड़ा देख लिया। दशरथ सिंह के अनुसार, यह घटना न केवल उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है, बल्कि त्योहार की भावना को भी ठेस पहुँचाती है।शिकायत सुनते ही भाकियू टिकैत के जिलाध्यक्ष वेद प्रकाश शर्मा, मंडल अध्यक्ष सतविंदर सिंह कहलो सहित संगठन के कई पदाधिकारी मौके पर पहुँच गए। उन्होंने दुकान स्वामी पर मानक-विहीन और मिलावटी मिठाई बेचने का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की। दूसरी ओर, स्थानीय व्यापारियों ने एकजुट होकर दुकान स्वामी का समर्थन किया और आरोपों को सिरे से नकार दिया।दुकान स्वामी ने इस पूरे मामले को “प्रतिष्ठान को बदनाम करने की साजिश” करार दिया। उनका कहना था कि वर्षों से उनके प्रतिष्ठान पर ग्राहक भरोसा करते आए हैं, और इस तरह का आरोप बिना ठोस प्रमाण के उनकी साख को नुकसान पहुँचाने के लिए गढ़ा गया है।
स्थिति तब बिगड़ने लगी जब दोनों पक्षों के बीच बहस और आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए। हालात को संभालने के लिए सुनगढी एसओ पवन कुमार पांडे और सिटी मजिस्ट्रेट विजय वर्धन तोमर मौके पर पहुँचे। प्रशासन की मौजूदगी में खाद्य विभाग की टीम ने बर्फी के साथ-साथ पनीर और छेना के नमूने भी लिए और उन्हें लैब जांच के लिए भेज दिया।
सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि दोनों पक्ष अपनी-अपनी बात पर अड़े हुए थे। हालांकि, नमूना लेने के बाद माहौल शांत हो गया। फिलहाल, जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मिठाई में वास्तव में कीड़ा था या नहीं।रक्षाबंधन के अवसर पर मिठाई में कीड़ा मिलने का आरोप एक गहरी निराशा छोड़ गया है। त्योहार की वह मिठास, जो भाई-बहन के रिश्ते की मजबूती का प्रतीक है, इस विवाद के कारण कड़वाहट में बदल गई। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर है, जो सच और अफवाह के बीच की दूरी तय करेगी।
