अमेठीः रो पड़ी इंसानियत! बहुरानी ने थामा पीड़ितों का हाथ! जनसेवा मेरे लिए सत्ता नहीं, साँसों से जुड़ा धर्म है-शाम्भवी सिंह
अमेठीः रो पड़ी इंसानियत! बहुरानी ने थामा पीड़ितों का हाथ! जनसेवा मेरे लिए सत्ता नहीं, साँसों से जुड़ा धर्म है-शाम्भवी सिंह
अमेठी। ग्राम ढेमा उस दिन सिर्फ एक गाँव नहीं था वह सैकड़ों टूटती उम्मीदों के लिए आस बन गया। धुंधली आँखों से दुनिया को टट…