सरकार का डंडा, मालिक की फटकार और जनता की मार!आखिर क्या करे पत्रकार?
सरकार का डंडा, मालिक की फटकार और जनता की मार!आखिर क्या करे पत्रकार?
जनता के सवाल गायब हैं तो पत्रकारिता बीमार नहीं, फिर क्या है? लेखक: विनेश ठाकुर ‘कर्पूरी’ सम्पादक, विधान केसरी, लखनऊ जंत…