लखनऊ । राजधानी लखनऊ में नेताजी सुभाष चंद्र बोस राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, अलीगंज में 05 नवम्बर को जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय परिचर्चा, बी.बी.ए कक्ष का लोकार्पण और चार पुस्तकों का विमोचन सफल रूप से किया गया।
मंच पर अंडमान-निकोबार के उपराज्यपाल डॉ. दिनेश शर्मा ने विषय- जलवायु परिवर्तन के दौर में द्वीपों का भविष्य पर अपने विचार रखे।
डॉ. शर्मा ने कहा, अंडमान सिर्फ द्वीप नहीं, भारत की सामरिक ताकत और पर्यावरण की धरोहर है। वहां विकास होगा, लेकिन जीव-जंतुओं और प्रकृति को साथ लेकर। वहां के समुद्री जीव प्रकृति की भाषा समझते हैं, हमें भी समझनी होगी। उन्होंने याद दिलाया कि यह धरती नेताजी सुभाष और वीर सावरकर की है। यहां की हवा में ही देशभक्ति है।
अपने पिता के नाम समर्पित किया कक्षरू कार्यक्रम में उन्होंने अपनी राज्यसभा निधि से बने पंडित केदार नाथ शर्मा (पाधा जी) बी.बी.ए. कक्ष का लोकार्पण किया। यह पल उनके लिए भावुक करने वाला रहा।
वैज्ञानिकों का मंथनरू परिचर्चा में प्रो. सी.एम. नौटियाल, प्रो. मुकुंद शर्मा, प्रो. व्यंकटेश दत्ता, प्रो. ध्रुवसेन सिंह और दूरदर्शन निदेशक आत्म प्रकाश मिश्र ने जलवायु परिवर्तन, द्वीपों के संकट और समाधान पर अपने विचार रखे।
प्राचार्य प्रो. शालिनी श्रीवास्तव ने अतिथियों का स्वागत किया। संयोजक प्रो. कंचन लता और आयोजन सचिव प्रो. पूनम वर्मा के संचालन में कार्यक्रम संपन्न हुआ। डॉ. भास्कर शर्मा ने अभिनंदन पत्र पढ़ा।
समापन पर उपराज्यपाल ने प्रो. शालिनी श्रीवास्तव, प्रो. संजय बरनवाल, प्रो. राजीव यादव, प्रो. पूनम वर्मा, डॉ. श्वेता भारद्वाज, डॉ. रोशनी सिंह द्वारा संपादित चार पुस्तकों सहित अन्य शिक्षकों की पुस्तकों का विमोचन किया।
