•आईजीआरएस रैंकिंग में मुरादाबाद प्रदेश में प्रथम
•कार्यशैली में तेजी, व्यवस्थाओं पर नजर और शिकायतों का समाधान
•दीपोत्सव और सीवेज प्लांट का नगर आयुक्त ने किया निरीक्षण
सनेश ठाकुर
मुरादाबाद (विधान केसरी)। नगर आयुक्त हिमांशु कौशिक की कार्यशैली का असर अब शहर की व्यवस्थाओं में नजर आने लगा है। जनशिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण से लेकर विकास कार्यों की निगरानी और आगामी दीपोत्सव की तैयारियों तक, नगर निगम की सक्रियता लगातार सामने आ रही है। इसी का परिणाम है कि आईजीआरएस पोर्टल की अक्टूबर माह की रैंकिंग में नगर निगम मुरादाबाद ने पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया है। जनसुनवाई, स्थलीय निरीक्षण और अधिकारियों की जवाबदेही पर जोर देते हुए नगर आयुक्त शहर की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में जुटे हैं। आईजीआरएस पोर्टल द्वारा जारी अक्टूबर माह की रैंकिंग में नगर निगम को यह स्थान मिला है। इस उपलब्धि के बीच मंगलवार को नगर आयुक्त हिमांशु कौशिक ने जनसुनवाई के दौरान नागरिकों की शिकायतें सुनीं और संबंधित अधिकारियों को शिकायतों का निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
आईजीआरएस जनसुनवाई प्रभारी रामवीर सिंह ने नगर आयुक्त को बताया कि अक्टूबर माह में नगर निगम से संबंधित विभिन्न संदर्भों की कुल 1,049 शिकायतों पर लखनऊ स्तर से शिकायतकर्ताओं का फीडबैक लिया गया। इनमें 870 शिकायतों के निस्तारण पर संतोषजनक प्रतिक्रिया मिली, जबकि 179 शिकायतें मांग से संबंधित थीं। शिकायतों के प्रभावी निस्तारण और प्राप्त फीडबैक के आधार पर नगर निगम को प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनशिकायतों के निस्तारण में इसी गंभीरता और तत्परता को बनाए रखें।
वहीं, आगामी पांच नवंबर को आयोजित होने वाले दीपोत्सव-2026 की तैयारियों का जायजा लेने के लिए नगर आयुक्त ने रामलीला मैदान, लाइनपार का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने आयोजन स्थल पर चल रहे कार्यों की प्रगति की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को सभी तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी आपसी समन्वय के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें, ताकि दीपोत्सव का आयोजन भव्य एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
इसके अलावा नगर आयुक्त हिमांशु कौशिक ने रामपुर रोड स्थित गुलाबबाड़ी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का भी निरीक्षण किया। रामगंगा नदी प्रदूषण नियंत्रण परियोजना के तहत निर्मित सीवरेज व्यवस्थाओं का जायजा लेने के दौरान उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण), कार्यदायी संस्था एलएंडटी तथा नगर निगम के जलकल विभाग की संयुक्त टीम मौजूद रही। निरीक्षण के दौरान परियोजना की कार्यप्रणाली, संचालन व्यवस्था और सीवेज शोधन प्रक्रिया की समीक्षा की गई। 58 एमएलडी क्षमता वाले इस एसटीपी के साथ परियोजना में दो मुख्य पम्पिंग स्टेशन, नौ इंटरमीडिएट पम्पिंग स्टेशन, 247 किलोमीटर सीवर लाइन और 8.01 किलोमीटर राइजिंग मेन लाइन का निर्माण कराया गया है। परियोजना का पांच वर्षीय संचालन एवं अनुरक्षण कार्य उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) द्वारा एलएंडटी के माध्यम से कराया गया है। अनुरक्षण अवधि समाप्त होने के बाद अब यह परियोजना शीघ्र ही नगर निगम मुरादाबाद को हस्तांतरित की जानी है।
नगर आयुक्त ने निरीक्षण के दौरान सीवर लाइनों, नाला टैपिंग प्वाइंट, पम्पिंग स्टेशनों और एसटीपी की कार्यप्रणाली का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधियों को सभी व्यवस्थाओं का सुचारु संचालन सुनिश्चित करने तथा शोधित जल का पुनः उपयोग करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक जल राम कैलाश, उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) के अधिशासी अभियंता विनय, अवर अभियंता जल अनिल कुमार, अवर अभियंता संजीव कुमार सहित एलएंडटी के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
