दिल्ली पुलिस मुख्यालय पर प्रोटेस्ट मामले में एक्शन, एसीपी मनस्वी वशिष्ठ को किया गया सस्पेंड
November 03, 2026
इस वक्त की बड़ी खबर राजधानी दिल्ली से आ रही है। यहां सोमवार को दिल्ली पुलिस के ही एसीपी ने अपने साथियों के साथ दिल्ली पुलिस मुख्यालय पर प्रदर्शन किया था। वहीं इस प्रदर्शन के मामले में अब एक्शन लिया गया है। दरअसल, गृह मंत्रालय के निर्देश पर दिल्ली पुलिस ने अपने साथी पुलिसकर्मियों के साथ कल दिल्ली पुलिस मुख्यालय पर बड़ा प्रदर्शन करने वाले एसीपी मनस्वी वशिष्ठ को सस्पेंड कर दिया है। बता दें कि वकीलों के साथ हुए विवाद के बाद एसीपी का ट्रांसफर किया गया था, जिसके बाद मनस्वी वशिष्ठ ने अपने साथियों के साथ कल दिल्ली पुलिस मुख्यालय पर प्रदर्शन किया था।
पुलिस सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि दिल्ली पुलिस के ACP मनस्वी वशिष्ठ को सस्पेंड कर दिया गया है। वे दो अधिकारियों के तबादले के विरोध में पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे पुलिसकर्मियों के साथ शामिल हो गए थे। यह निलंबन उस विरोध-प्रदर्शन को लेकर मचे विवाद के बीच हुआ है, जिसमें पुलिसकर्मी तबादले के आदेशों को रद्द करने की मांग को लेकर मुख्यालय के बाहर जमा हुए थे। पुलिस सूत्र ने बताया कि ACP के खिलाफ यह कार्रवाई इसी घटना के सिलसिले में की गई है, और अभी इस बारे में और जानकारी का इंतजार है।
प्रदर्शन कर रहे पुलिसकर्मियों ने मांग की थी कि एसीपी मनस्वी वशिष्ठ और शाहदरा के पूर्व एसएचओ अरुण कुमार के तबादलों को रद्द किया जाए और दोनों अधिकारियों को उनके पुराने पदों पर वापस तैनात किया जाए। उन्होंने अदालत परिसर और पुलिस थानों में पुलिसकर्मियों और वकीलों के बीच होने वाले टकराव से निपटने के लिए एक स्पष्ट 'स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर' (SOP) बनाने की भी मांग की। एक और अहम मांग यह थी कि प्रदर्शन में शामिल होने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई न की जाए।
प्रदर्शन के दौरान, मनस्वी वशिष्ठ ने बताया कि प्रदर्शन कर रहे पुलिसकर्मियों ने अपनी चिंताएं पहले ही पुलिस कमिश्नर तक पहुंचा दी थीं और एक बैठक के दौरान पांच प्रमुख मांगें रखी थीं। वशिष्ठ ने कहा, "हमने पुलिस कमिश्नर के सामने अपनी मांगें रखी हैं। उन्होंने हमें बैठक के लिए समय दिया, जहां हमने अपनी चिंताएं उनके सामने रखीं। हालांकि सभी को खुलकर बोलने का मौका नहीं मिला, लेकिन हम अपनी पांच मुख्य मांगें उन तक पहुंचाने में सफल रहे।"
