शुकुलबाजार/अमेठी। धनतेरस के दूसरे दिन भी कस्बे के बाजारों में खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से लेकर देर शाम तक बाजार में खरीदारी का सिलसिला चलता रहा। बर्तन, पूजा सामग्री और घरेलू उपयोग के सामान की दुकानों पर ग्राहकों की खूब चहल-पहल देखने को मिली। त्योहार को लेकर बाजार में रौनक बनी रही और दुकानदार भी ग्राहकों की भीड़ से उत्साहित नजर आए। इस बार धनतेरस पर बर्तनों की दुकानों पर सबसे अधिक भीड़ देखने को मिली। लोगों ने स्टील, पीतल और तांबे के बर्तनों के साथ थाली, लोटा, कलश, कड़ाही और पूजा के दीपक की जमकर खरीदारी की। बर्तन कारोबारियों के मुताबिक, इस बार ग्राहकों का रुझान बर्तनों की ओर अधिक रहा। धनतेरस पर नया सामान खरीदने की परंपरा को निभाने के लिए लोगों ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार खरीदारी की। वहीं चांदी की कीमतों में भारी उछाल का असर सर्राफा बाजार पर साफ दिखाई दिया। चांदी का भाव करीब 2,04,900 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंचने से चांदी के सिक्कों की बिक्री प्रभावित रही। सर्राफा कारोबारियों के अनुसार, पहले धनतेरस पर ग्राहक 10 और 20 ग्राम के चांदी के सिक्के आसानी से खरीद लेते थे, लेकिन इस बार महंगाई के चलते कई ग्राहक कीमत पूछकर ही लौट गए। कुछ लोगों ने छोटे सिक्कों और हल्की चांदी की वस्तुओं की खरीदारी कर परंपरा निभाई। व्यापारियों का कहना है कि चांदी महंगी होने के कारण इस बार ग्राहकों ने कीमती धातुओं के बजाय बर्तन और घरेलू जरूरत के सामान को प्राथमिकता दी। हालांकि शुभ मुहूर्त में खरीदारी को लेकर लोगों का उत्साह बरकरार रहा। कुल मिलाकर धनतेरस के दूसरे दिन भी शुकुल बाजार में त्योहार की रौनक देखने को मिली। बर्तनों की दुकानों पर अच्छी बिक्री से व्यापारियों के चेहरे खिले रहे, जबकि चांदी के सिक्कों की बिक्री अपेक्षा के अनुरूप नहीं होने से सर्राफा कारोबारियों को मायूसी हाथ लगी।
चांदी की आसमान छूती कीमतों ने फीकी की सिक्कों की चमक, बर्तन और घरेलू सामान की दुकानों पर रही सबसे ज्यादा रौनक
