लखनऊ। सहकार भारती उत्तर प्रदेश की ओर से प्रदेश महिला सम्मेलन चैधरी चरण सिंह सभागार विधानसभा मार्ग लखनऊ में 01 नवंबर शनिवार को आयोजन किया गया। सम्मेलन में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आईं महिला प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। इस दौरान करीब 25 स्वयं सहायता समूहों की ओर से तैयार किए गए उत्पादों के स्टाल भी लगाए गए। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रदेश सरकार की राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभारध्राज्यमंत्री) प्रतिभा शुक्ला ने मां भारती और सहकार भारती के संस्थापक लक्ष्मणराव इनामदार (वकील साहब) के चित्र पर माल्यार्पण कर किया।
मुख्य अतिथि प्रतिभा शुक्ला ने कहा कि कोई काम छोटा नहीं होता, हर काम की शुरुआत छोटे स्तर से ही होती है। महिलाओं को परिवार में संस्कार का वातावरण बनाते हुए स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। सहकार भारती इस दिशा में उल्लेखनीय कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि समाज, संस्कृति और राष्ट्र को ध्यान में रखकर स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यावरण के क्षेत्र में काम करने वाले उद्यमियों को प्रोत्साहित करने की जरूरत है। इससे सामाजिक विकास के साथ राष्ट्रप्रेम की भावना भी मजबूत होती है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार कुपोषण के खिलाफ कई योजनाएं चला रही है। इनमें प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, आयुष्मान योजना, बाल सेवा योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना और कौशल विकास जैसी योजनाएं शामिल हैं। सहकार भारती को इन योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर तक पहुंचाने में सहयोग करना चाहिए। उन्होंने महिलाओं से घर में बने पौष्टिक भोजन को प्राथमिकता देने की अपील करते हुए कहा कि स्वस्थ परिवार से ही स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है। प्रतिदिन अच्छे कार्य करने और परोपकार की भावना अपनाने से दूसरे लोगों को भी प्रेरणा मिलती है।
विशिष्ट अतिथि राष्ट्र सेविका समिति की अवध प्रांत कार्यवाहिका यशोधरा ने कहा कि मातृशक्ति का अर्थ सर्वभूत हित में कार्य करने वाली शक्ति है। नारी परिवार से लेकर समाज, राष्ट्र और विश्व के कल्याण की भावना के साथ आगे बढ़ती है। महिलाओं को अपने अतीत से सीख लेकर वर्तमान और परिवार को संस्कारों से जोड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि पाश्चात्य प्रभाव के बजाय अपनी प्रकृति और संस्कृति को ध्यान में रखकर राष्ट्र को समर्थ बनाने की दिशा में काम करने की आवश्यकता है।
प्रदेश महिला प्रमुख मीनाक्षी राय ने स्वागत भाषण में कहा कि सहकार भारती के माध्यम से महिलाएं स्वावलंबन की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही हैं। महिलाएं परिवार की जिम्मेदारियां निभाने के साथ स्वरोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बना रही हैं। समाज और राष्ट्र के निर्माण में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और वे सेवा, समर्पण तथा धैर्य के साथ इस दिशा में निरंतर योगदान दे रही हैं।
सहकार भारती प्रदेश अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह ने देश की वीरांगनाओं के जीवन से प्रेरणा का जिक्र करते हुए कहा कि महिलाओं का योगदान देश में कभी भी कमतर नहीं रहा है, अमूल्य डेयरी में 36 लाख, लिज्जत पापड़ में 45 हजार महिलाओं की सहभागिता है, इसके अलावा देश-दुनिया के हर क्षेत्र में महिलाएं परचम लहरा रहीं हैं। सहकार भारती अधिक से अधिक महिलाओं की समृद्धि के लिए समान अवसर उपलब्ध करने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। प्रदेश महामंत्री अरविंद दुबे ने कहा, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्व उद्यम की दिशा में सहकार भारती प्रेरित करती है। उन्होंने कहा, सहकार भारती स्वयं सहायता समूहों के गठन, महिलाओं को उत्पाद निर्माण का प्रशिक्षण देने और उनके उत्पादों के विपणन में सहयोग के माध्यम से महिला आर्थिक सशक्तीकरण के लिए कार्य कर रही है।
उदघाटन सत्र के बाद विशेष सत्र सम्पन हुआ, जिसमें श्री डी0पी0 पाठक, प्रदेश उपाध्यक्ष, सहकार भारती उ0प्र0 , तृृृृप्ती अग्निहोत्री, प्रदेश प्रमुख एस0एच0जी0 प्रकोष्ठ सहकार भारती उ0प्र0, करूणा नागर, प्रदेश सह महिला प्रमुख, सहकार भारती उ0प्र0 , मधुमिता जी, प्रदेश सह महिला प्रमुख, सहकार भारती उ0प्र0, ज्योति चतुर्वेदी, प्रदेश सह महिला प्रमुख, सहकार भारती उ0प्र0, गीता त्रिपाठी, प्रदेश सह एस0एच0जी0 प्रमुख, सहकार भारती उ0प्र0 ने प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम में प्रदेश संगठन मंत्री कर्मवीर सिंह सह संगठन मंत्री विजय कुमार पांडेय, प्रदेश कोषाध्यक्ष शिवेंद्र प्रताप सिंह , प्रदेश मंत्री कैलाश नाथ निषाद, प्रदेश संपर्क प्रमुख अशोक कुमार शुक्ला सहित प्रदेश भर के सहकार भारती के महिला कार्यकर्ता व पदाधिकारी उपस्थित रहे।
