- अपने पैसों से लंच पैकेट बनवाकर रोजाना 500 से600 लेंच पैकेट कर रहे वितरण
- गुरुवार दोपहर से लेकर शाम 6 बजे तक थाना प्रभारी निरीक्षक ने लोगों को दिलाया सुरक्षा का एहसास
- पुलिस ने बाढ़ क्षेत्र में फोटो और रेल बनाने व नाव पर बैठकर घूमने पर लगाई पाबंदी
लखनऊ। लखनऊ जॉइंट कमिश्नर बबलू कुमार के निर्देशानुसार इटौंजा थाना प्रभारी निरीक्षक सोबरन सिंह ने बाढ़ क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था कर और खुद दिन रात वहीं रुक कर लोगों की सुरक्षा कर रहे हैं। बाढ़ पीड़ितों की मदद कर रहे हैं। इटौंजा थाना क्षेत्र के ग्रामीण इलाके अकड़रिया कलां, हीरा पुरवा, अकड़रिया खुर्द, लासा,दुघरा, जमखनवां,बहादुरपुर सुल्तानपुर, शिवपुरी, इन गांव में गोमती नदी की में आई बाढ़ से किसानों की फैसले नष्ट हो गई, पानी से सड़के बंद होने से आवागमन बंद हो गया। नाव स्टीमर के लोग ग्रामीण घर आ जाकर अपनी व्यवस्था कर रहे हैं। इस आपदा के समय इटौंजा थाना प्रभारी निरीक्षक सोबरन सिंह ने अपनी टीम के साथ जहां दरोगा, कई सिपाहियों के साथ स्टीमर पर बैठकर अकड़रिया कलां गांव का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने दुघरा गांव पहुंचकर ग्रामीणों से वार्तालाप की और हर संभव मदद करने का शासन दिया। वहीं शाम के समय अकड़रिया खुर्द के ग्रामीणों से वार्तालाप कर गांव का निरीक्षण कर हाल-चाल जाना। इस दौरान इटौंजा थाना प्रभारी निरीक्षक सोबरन सिंह ने अकड़रिया कलां गांव सड़क पर सेल्फी रील बना रहे लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि रील बनाने और नाव स्टीमर पर घूमने सख्त मना है,अगर कोई व्यक्ति ऐसा करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जायेगी, उन्होंने कहा कि क्योंकि बाढ़ का पानी ज्यादा है सेल्फी और रील बनाने में पर पैर फिसलने से कोई घटना घटित हो सकती है, किसी को लेकर यह निर्देश दिए गए हैं। वहीं पुलिस प्रशासन लगातार बाढ़ पीड़ितों की मदद कर रहा है, इसके अलावा पुलिस अकड़रिया कलां, खुर्द,लासा, बहादुरपुर सुल्तानपुर लासा गांव की सड़कों पर जहां पर पानी नहीं है वहां पर ग्रामीणों की मदद कर उनकी सुरक्षा कर रही है।इस दौरान इटौंजा थाना प्रभारी निरीक्षक सिंह ने बताया कि मैंने अपने पैसों से बाढ़ के पहले ही दिन से पूड़ी सब्जी पैकेट पानी बाढ़ पीड़ितों में वितरण करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मेरे द्वारा रोजाना लगभग 500 से 600 लेंच पैकेट का वितरण किया जा रहा है अन्य जो रात में फंसे लोगों की सुरक्षा व्यवस्था का एहसास दिलाया जा रहा हैं।
