कई दिनों से पोल में उतर रहा था करंट, शिकायत के बाद भी नहीं हुई मरम्मतय दो पशुपालकों को हजारों के नुकसान की आशंका
सुल्तानपुर । लम्भुआ कोतवाली क्षेत्र के शाहगढ़ कुटीवा गांव में विद्युत विभाग की कथित लापरवाही दो बेजुबान पशुओं की मौत का कारण बन गई। बुधवार दोपहर खेत में चर रही गर्भवती भैंस और एक पड़वा की लोहे के विद्युत पोल में उतर रहे करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है। पशुपालकों ने विभागीय जिम्मेदारों पर शिकायतों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए मुआवजे की मांग की है।जानकारी के मुताबिक, गांव निवासी लक्ष्मी निवास पाण्डेय पुत्र राधेश्याम पाण्डेय की गर्भवती भैंस और संजीत सोनकर का पड़वा खेत में चर रहे थे। इसी दौरान दोनों मवेशी करंट की चपेट में आ गए। हादसे में उनकी मौत हो गई। घटना ने विद्युत सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। शिकायत के बाद भी नहीं चेता विभाग पीड़ित पशुपालकों का आरोप है कि संबंधित विद्युत पोल में कई दिनों से करंट उतर रहा था। इसकी सूचना विभागीय कर्मचारियों को कई बार फोन के जरिए दी गई, लेकिन समस्या दूर करने के लिए कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। पशुपालकों का कहना है कि समय रहते पोल की मरम्मत कर दी गई होती तो दोनों मवेशियों की जान बच सकती थी। हादसे के बाद भी विद्युत विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के मौके पर नहीं पहुंचने से ग्रामीणों में नाराजगी है।पोस्टमार्टम के लिए डॉक्टर का इंतजारघटना की सूचना पर पशु चिकित्सालय शाहगढ़ कुटीवा के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि डॉक्टर लखनऊ में हैं और उन्हें घटना की जानकारी दे दी गई है। कर्मचारियों ने पशुपालकों से अंतिम संस्कार कराने की बात कही तथा पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने की जानकारी दी। उधर, ग्रामीणों ने पशु चिकित्सालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि गांव में चिकित्सक नियमित रूप से उपलब्ध नहीं रहते।अधिकारियों को सूचना देने का दावा, कार्रवाई का इंतजार पीड़ित परिवार के मुताबिक, उन्होंने उपजिलाधिकारी लम्भुआ को फोन कर घटना की जानकारी देने का प्रयास किया, लेकिन फोन नहीं उठा। इसके बाद जिलाधिकारी सुल्तानपुर के सीयूजी नंबर पर भी सूचना दी गई। पशुपालकों का कहना है कि खबर लिखे जाने तक विद्युत विभाग का कोई अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा था।पीड़ित परिवार ने मामले में कार्रवाई के लिए कोतवाली प्रभारी निरीक्षक को लिखित सूचना देने की बात कही है। पशुपालकों ने प्रशासन से घटना की निष्पक्ष जांच कराने, विद्युत पोल को सुरक्षित करने, जिम्मेदारों की जवाबदेही तय करने और मृत मवेशियों के बदले उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
