अमेठी। आस्था का सैलाब उमड़ा, मां दुर्गा के जयकारे गूंजे और विसर्जन का सिलसिला चलता रहा। इस बीच जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी संभाल रहे पुलिस-प्रशासन की सतर्कता भी रंग लाई। जनपद में कुल 1,480 दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन सकुशल एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। राहत की बात यह रही कि पूरे आयोजन के दौरान कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई। दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान भीड़ और धार्मिक उत्साह के बीच शांति व्यवस्था बनाए रखना पुलिस-प्रशासन के लिए बड़ी जिम्मेदारी होती है। अमेठी में इस जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाया गया। सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के साथ पुलिस और प्रशासन ने आयोजन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में अहम भूमिका निभाई। आयोजक समितियों और सहयोगियों के साथ बेहतर तालमेल भी व्यवस्था बनाए रखने में मददगार रहा। जिले में 1,480 प्रतिमाओं का विसर्जन संपन्न होना आयोजन के व्यापक स्तर को दर्शाता है। ऐसे में किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए सतर्कता और आपसी समन्वय बेहद जरूरी था। पुलिस-प्रशासन की मुस्तैदी के साथ आयोजक समितियों के सहयोग ने विसर्जन कार्यक्रम को शांतिपूर्ण बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था के साथ जनसहभागिता भी अहम होती है। अमेठी में पुलिस-प्रशासन और आयोजक समितियों के बीच समन्वय इसी जिम्मेदारी का उदाहरण बना। पूरे कार्यक्रम के दौरान शांति व्यवस्था कायम रही और विसर्जन की प्रक्रिया बिना किसी अप्रिय घटना के पूरी हो गई। मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ जिले में धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया। पुलिस-प्रशासन की सतर्कता, सुरक्षा व्यवस्था और आयोजकों के सहयोग से 1,480 प्रतिमाओं का विसर्जन सकुशल संपन्न होना जिले के लिए राहत भरी खबर रही।
1,480 प्रतिमाओं का सकुशल विसर्जन, पुलिस-प्रशासन की मुस्तैदी आई कामय पूरे आयोजन में नहीं हुई कोई अप्रिय घटना
