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अखिलेश यादव का बड़ा आरोप, 19 लाख से ज्यादा पकड़े फर्जी वोटर


समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर बीजेपी और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि SIR प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे मतदाताओं के नाम जोड़े गए, जिनकी पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई। अखिलेश यादव के मुताबिक, उनकी पार्टी के 'PDA प्रहरी' अब तक करीब 19 लाख 20 हजार कथित फर्जी वोटरों का मामला सामने ला चुके हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि जब बीजेपी चुनाव हारने लगती है, तो चुनाव आयोग के पीछे छिप जाती है। उन्होंने बीजेपी और चुनाव आयोग के बीच मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि आयोग बीजेपी के सदस्यों को मतदाता बना रहा है और उन्हें भारत का नागरिक मान रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

अखिलेश यादव ने SIR के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि अक्टूबर 2025 से अप्रैल 2026 के बीच फॉर्म-6 के जरिए नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए कुल 87 लाख 56 हजार आवेदन भरे गए। उनके अनुसार, इनमें से 84 लाख 30 हजार नए मतदाताओं के नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल किए गए।

सपा अध्यक्ष अखिलेश ने दावा किया कि चुनाव आयोग ने इन 87 लाख 56 हजार आवेदनों में से केवल 71 लाख 38 हजार आवेदनों की जानकारी सार्वजनिक की। उन्होंने सवाल उठाया कि बाकी 16 लाख 18 हजार मतदाताओं का विवरण सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया।

अखिलेश यादव के मुताबिक, इन मतदाताओं के नाम, उम्र और रिश्तेदारों से जुड़ी जानकारियों में समानता पाई गई है। उन्होंने दावा किया कि PDA प्रहरियों ने इसके अलावा करीब तीन लाख अन्य कथित फर्जी मतदाताओं की भी पहचान की है। इस तरह उन्होंने अब तक कुल 19 लाख 20 हजार संदिग्ध या कथित फर्जी मतदाताओं का मामला सामने लाने का दावा किया।

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि जिन क्षेत्रों में बीजेपी की हार की संभावना है, वहां सबसे ज्यादा फर्जी मतदाताओं के नाम जोड़े जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी लंबे समय से चुनाव आयोग पर मतदाता सूची में गड़बड़ियों को लेकर सवाल उठाती रही है। सपा अध्यक्ष ने चुनाव आयोग से मतदाता सूची में शामिल किए गए सभी नए मतदाताओं का पूरा विवरण सार्वजनिक करने की मांग की। उनका कहना है कि पारदर्शिता के अभाव में मतदाता सूची की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं।

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