सोनभद्र। प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन के माध्यम से बढ़ाई गई ₹2,500 प्रोत्साहन राशि को मूल मानदेय में शामिल किए जाने की मांग उठाई है। ज्ञापन जिलाधिकारी सोनभद्र के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा गया।
ज्ञापन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार द्वारा 25 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा तथा यूनिफॉर्म मद में बढ़ी हुई धनराशि के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। साथ ही कहा कि हाल ही में घोषित मानदेय वृद्धि में ₹1,500 को मूल मानदेय तथा ₹2,500 को प्रोत्साहन राशि के रूप में शामिल किया गया है, लेकिन प्रोत्साहन राशि का भुगतान नियमित रूप से नहीं होने के कारण कार्यकर्ताओं को इसका पूरा लाभ नहीं मिल पाता।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि कई जनपदों में प्रोत्साहन राशि का भुगतान लंबे समय से लंबित है। कहीं-कहीं एक-दो माह की राशि का भुगतान छह माह बाद होता है तो कई स्थानों पर वर्षभर तक भुगतान नहीं हो पाता। ऐसे में ₹2,500 की प्रोत्साहन राशि को मूल मानदेय में शामिल कर नियमित भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
ज्ञापन में पोषण ट्रैकर एप के माध्यम से जीपीएस आधारित उपस्थिति व्यवस्था पर भी चिंता व्यक्त की गई। कार्यकर्ताओं ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या बनी रहती है तथा आर्थिक कारणों से कई कार्यकर्ताओं के लिए मोबाइल रिचार्ज कराना भी चुनौतीपूर्ण होता है। इसके अलावा विभागीय बैठक, प्रशिक्षण, रैली एवं अन्य सरकारी कार्यों के लिए केंद्र से बाहर रहने की स्थिति में जीपीएस आधारित उपस्थिति दर्ज कराने में कठिनाई आती है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री से मांग की कि ₹2,500 की प्रोत्साहन राशि को मूल मानदेय में शामिल कर नियमित भुगतान सुनिश्चित किया जाए, लंबित प्रोत्साहन राशि का शीघ्र भुगतान कराया जाए तथा जीपीएस आधारित व्यवस्था पर पुनर्विचार किया जाए। कार्यकर्ताओं ने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेगी।
