Type Here to Get Search Results !
BREAKING NEWS
ऑनलाइन भुगतान करें
Pay Now

बांसुरी स्वराज ने आखिर ये क्या पूछ दिया, खूब हो रही चर्चा



बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और कांग्रेस शासित राज्यों की सरकारों पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने राहुल गांधी के 'मोहब्बत की दुकान' वाले नारे पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस के भीतर भ्रष्टाचार और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े गंभीर मामले सामने आ रहे हैं. उन्होंने सवाल किया कि जब कांग्रेस नेताओं पर युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में आरोप लगते हैं तो राहुल गांधी इस पर आवाज क्यों नहीं उठाते.

बांसुरी स्वराज ने उत्तराखंड में VPDO परीक्षा से जुड़े मामले का जिक्र करते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के तत्कालीन और वर्तमान पीए से जुड़े ठिकानों पर जांच एजेंसियों की कार्रवाई हुई है. उन्होंने दावा किया कि छापेमारी में आय से अधिक संपत्ति और संसाधन मिलने की बात सामने आई है.

बीजेपी नेता ने इसे कांग्रेस के संगठन और सरकार के कामकाज पर गंभीर सवाल बताया. हालांकि, इन मामलों में जांच एजेंसियों की कार्रवाई और आरोपों को अंतिम दोष साबित होने के तौर पर नहीं देखा जा सकता. मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही जिम्मेदारी तय होगी. उन्होंने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के तत्कालीन ओएसडी से जुड़े सीजीपीएससी भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले का भी जिक्र किया. बांसुरी स्वराज ने कहा कि युवाओं के भविष्य की बात करने वाली कांग्रेस को अपनी पार्टी और उससे जुड़े लोगों पर लगे ऐसे आरोपों पर भी जवाब देना चाहिए.

बांसुरी स्वराज ने हिमाचल प्रदेश में आउटसोर्सिंग भर्ती से जुड़े कथित कमीशनखोरी के मामले को भी उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में एक नेता के बेटे पर कटमनी लेने के आरोप सामने आए हैं. उन्होंने राहुल गांधी से सवाल करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता बेरोजगारी और युवाओं के भविष्य की बात करते हैं, लेकिन जब उन्हीं की पार्टी से जुड़े लोगों पर गंभीर आरोप लगते हैं या राजनीतिक संरक्षण का सवाल उठता है तब पार्टी नेतृत्व चुप क्यों रहता है.

बांसुरी स्वराज ने BRICS समिट के दौरान आयोजित डिनर में कांग्रेस के मुख्यमंत्रियों की गैरमौजूदगी को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि राजनीतिक और वैचारिक मतभेद अपनी जगह हो सकते हैं, लेकिन जब बात देश और राष्ट्रहित की हो तो राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठना चाहिए. उन्होंने कहा कि BRICS का आयोजन किसी राजनीतिक दल का कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह भारत का अंतरराष्ट्रीय मंच था. बांसुरी स्वराज ने दावा किया कि कांग्रेस के तीन मुख्यमंत्रियों को डिनर के लिए आमंत्रित किया गया था, लेकिन उन्होंने दलगत राजनीति को राष्ट्रहित से ऊपर रखा.

बांसुरी स्वराज ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का भी जिक्र किया और कहा कि मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उन्होंने पहले निमंत्रण स्वीकार किया था, लेकिन बाद में राजनीतिक परिस्थितियों के कारण डिनर में शामिल नहीं होने का फैसला किया. बीजेपी नेता ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध करते-करते पार्टी को देश और राष्ट्रीय हित से जुड़े कार्यक्रमों का भी विरोध नहीं करना चाहिए. उन्होंने कहा कि BRICS का मंच भारत की प्रतिष्ठा से जुड़ा था, इसलिए ऐसे मौके पर राजनीतिक मतभेदों को अलग रखना चाहिए.

बांसुरी स्वराज ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार को भी निशाने पर लिया. उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान राज्य में 24 घंटे बिजली देने का वादा किया गया था, लेकिन अब लोगों को कथित तौर पर लंबे बिजली कट का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय केंद्र सरकार पर आरोप लगाती रहती है. बीजेपी नेता ने कहा कि जनता की समस्याओं को नजरअंदाज करने वाली सरकारों को चुनाव में जनता जवाब देती है और आने वाले चुनाव में भी लोग अपना फैसला सुनाएंगे.

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Design by - Blogger Templates |