9वीं की छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, गुस्साए परिजनों ने किया जमकर हंगामा
September 06, 2026
मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के पानसेमल के एक गर्ल्स एजुकेशन कॉम्प्लेक्स में 9वीं क्लास की छात्रा की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। यह दुखद खबर सामने आने के बाद छात्रा के परिजनों में भारी आक्रोश देखने को मिला है। परिवार ने सेंधवा-खेतिया स्टेट हाईवे पर जाम लगा दिया है और जमकर हंगामा किया। उन्होंने पुलिस पर जांच में लापरवाही का आरोप लगाया है और हॉस्टल स्टाफ के व्यवहार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। इसके पहले खंडवा में कूलर में करंट उतरने से 5वीं क्लास की एक छात्रा की मौत की खबर सामने आई थी। हादसा उस वक्त हुआ, जब घर में सिर्फ 3 साल का मासूम भाई मौजूद था।
परिवार के मुताबिक अस्पताल लाने से पहले छात्रा का शव उसके हॉस्टल के कमरे में छत के पंखे से लटका हुआ मिला था। यह घटना कथित तौर पर शनिवार को दोपहर करीब 3:30 बजे हुई, लेकिन परिवार का दावा है कि उन्हें शाम करीब 5:30 बजे तक इसकी जानकारी नहीं दी गई। जब वे अस्पताल पहुंचे तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। हॉस्टल पहुंचने पर परिवार का शक और गहरा गया। उनका आरोप है कि जिस कमरे में शव मिला था, वह खुला हुआ था। छत का पंखा चल रहा था और अंदर 8-10 लड़कियां बैठी थीं। उनका कहना है कि पुलिस की सामान्य प्रक्रिया के तहत सबूत सुरक्षित रखने के लिए घटनास्थल को सुरक्षित करना और कमरे को तुरंत सील करना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
छात्रा के पिता ने इसे सिर्फ आत्महत्या का मामला मानने के बजाय इसमें किसी गड़बड़ी की आशंका जताई है। उन्होंने खास तौर पर हॉस्टल स्टाफ की भूमिका की जांच की मांग की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की है। परिवार का मानना है कि इस दुखद घटना के पीछे लापरवाही या गलत व्यवहार हो सकता है। अभी परिवार सड़कों पर विरोध-प्रदर्शन कर रहा है और छात्रा की मौत से जुड़े हालात की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग कर रहा है। स्टेट हाईवे पर उनके जाम लगाने से इस मामले पर सबका ध्यान गया है। हालांकि, इससे इलाके में ट्रैफिक भी बाधित हुआ है।
यह घटना भारत भर के उन मामलों जैसी ही है, जिनमें हॉस्टल या रेजिडेंशियल सुविधाओं में रहने वाले छात्रों की संदिग्ध हालात में मौत हुई है। छात्रा की मौत के मामले में पुलिस की जांच चल रही है और उम्मीद है कि पोस्टमार्टम से मौत की असली वजह का पता चल जाएगा। हालांकि, परिवार के आरोप कि प्रक्रिया में खामियां थीं और हॉस्टल स्टाफ के बर्ताव की व्यापक जांच की उनकी मांग से संकेत मिलता है कि इस मामले में शुरुआती नतीजों से कहीं ज्यादा पेचीदगियां हो सकती हैं।
