जायस/अमेठी। जायस नगर पालिका परिषद के वार्ड नंबर-7 मौलवी खुर्द में करीब 62 लाख रुपये की लागत से 110 मीटर लंबे नाला निर्माण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क किनारे करीब दो फीट पानी भरा होने के बावजूद नाले का निर्माण कराया जा रहा है। निर्माणाधीन नाले का एक हिस्सा ढहने की बात भी सामने आई है, जिससे गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। शिकायतकर्ता पक्ष का आरोप है कि नाले का निर्माण किसानों की भूमिधरी जमीन में कराया जा रहा है। वहीं मामले में नगर पालिका की ओर से निर्माण रोकने का नोटिस जारी किए जाने की बात कही जा रही है, लेकिन इसके बावजूद मौके पर काम जारी होने का आरोप है। विभागीय जेई द्वारा मौके पर जांच कर निर्माण को गुणवत्तापूर्ण बताए जाने की बात भी सामने आई है।स्थानीय लोगों ने मांग की है कि राजस्व विभाग और नगर पालिका की संयुक्त टीम मौके पर पैमाइश कर यह स्पष्ट करे कि नाला किस भूमि पर और किस स्वीकृत नक्शे के आधार पर बनाया जा रहा है। साथ ही निर्माण की तकनीकी जांच कराने तथा 62 लाख रुपये के कार्य का स्वीकृत एस्टीमेट, बीओक्यू, टेंडर और भुगतान विवरण सार्वजनिक करने की मांग की गई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक मुख्य सवाल यही है कि यदि निर्माण रोकने का नोटिस जारी हुआ है तो काम कैसे जारी है और यदि निर्माण गुणवत्तापूर्ण है तो नाले के हिस्से के ढहने की तकनीकी जांच क्यों नहीं कराई गई? । लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर अनियमितता मिलने पर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
जलभराव के बीच निर्माण जारी होने का दावा, नोटिस के बावजूद काम को लेकर स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल
