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मिडिल ईस्ट में फिर शुरू हुई जंग! UAE ने अपने जलक्षेत्र में ईरानी ड्रोन को निष्क्रिय किया


मिडिल ईस्ट में एक बार फिर जंग के हालात पैदा हो गए हैं। जहां अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर टकराव शुरू हो गया है वहीं संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की वायुसेना ने सोमवार को अपने जलक्षेत्र के ऊपर एक ईरानी ड्रोन को रोक दिया। रक्षा मंत्रालय ने यह जानकारी दी। यह घटना ऐसे समय हुई है जब एक महीने में पहली बार इस वीकेंड में अमेरिका और ईरान के बीच फिर से गोलीबारी हुई। अमेरिकी सेना ने रविवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में लारक द्वीप पर ईरान के रॉकेट लॉन्चरों पर हमला किया। रक्षा मंत्रालय ने एक संक्षिप्त बयान में कहा कि ईरान की ओर से संयुक्त अरब अमीरात के जलक्षेत्र की तरफ आते हुए एक ईरानी ड्रोन का पता चला, जिसे ''निष्क्रिय कर दिया गया''।

ईरान की ओर से तत्काल इस घटना की जिम्मेदारी लेने का कोई दावा नहीं किया गया और न ही किसी तरह के नुकसान की खबर है। बाद में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के रक्षा मंत्रालय ने दूसरा बयान जारी कर उन खबरों का खंडन किया, जिनमें ईरानी मीडिया संस्थानों ने दावा किया था कि दुबई के अल मेनहद एयर बेस को ईरानी मिसाइलों ने निशाना बनाया था। यह घटना ऐसे समय हुई जब अमेरिकी सेना ने रविवार को ईरान के एक द्वीप पर मौजूद रॉकेट लॉन्चरों पर हमला किया। इससे 6 महीने से ज्यादा समय से चल रहे युद्ध में जारी संघर्षविराम जैसी स्थिति खत्म हो गई और फिर से लड़ाई शुरू हो गई।

इस हमले के जवाब में ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागीं। लेकिन इन मिसाइलों को रास्ते में ही निष्क्रिया कर दिया दिया गया। इससे पहले सोमवार तड़के ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि ईरान ''वैध आत्मरक्षा के अपने अधिकार का इस्तेमाल करने से नहीं हिचकेगा और किसी भी सैन्य आक्रमण का निर्णायक जवाब देगा।''

शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ किर्गिस्तान रवाना होने से पहले ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि ईरान युद्ध नहीं चाहता। पेजेशकियन लंबे समय से बातचीत के जरिए इस संघर्ष को खत्म करने की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ''लेकिन हम हमला करने वालों को निर्णायक जवाब देंगे।'' इस शिखर सम्मेलन में ऐसे देशों का समूह शामिल हो रहा है, जिसे अमेरिका के वैश्विक प्रभाव के मुकाबले एक वैकल्पिक शक्ति के रूप में देखा जाता है। इसमें चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी शामिल हैं। पेजेशकियन का मंगलवार को सम्मेलन से इतर पुतिन से मुलाकात का कार्यक्रम है। इस बीच पेजेशकियन और पीएम मोदी की मुलाकात हुई है।

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