देश भर में H1N1 स्वाइन फ्लू के मामले तेजी के बढ़ रहे हैं। दिल्ली एनसीआर में बड़ी संख्या में लोग इससे संक्रमित हो रहे हैं। वहीं दूसरे राज्यों में स्वाइन फ्लू के संक्रमण को रोकने के लिए एहतियातन कदम उठाए जा रेह हैं। H1N1 के बढ़ते मामलों के बीच कर्नाटक सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने हैल्थ एडवाजरी जारी कर दी है। कर्नाटक सरकार ने जनता को सलाह दी है कि लोग बिना घबराए और बताए गए एहतियाती उपायों का सख्ती से पालन करें। ताजा इन्फ्लूएंजा की स्थिति की जानकारी देते हुए स्वास्थ्य विभाग कहा कि एकीकृत स्वास्थ्य सूचना मंच (IHIP) के जरिए रिपोर्ट किए गए निगरानी आंकड़ों के अनुसार, कर्नाटक में 22 अगस्त 2026 तक 32 जिलों में प्रयोगशाला में 4,212 इन्फ्लूएंजा-पॉजिटिव मामले दर्ज किए गए। 2025 में इनकी संख्या 4,583 और 2024 में 3,903 थी।
सरकार की ओर से जारी एडवाइजरी में लोगों को मौसमी इन्फ्लूएंजा के फैलने को कम करने के लिए सावधानियों का पालन करने की सलाह दी है। H1N1 से बचने के लिए आपको नीचे दिए गए खास एतिहात बरतने की जरूरत है। जानिए स्वाइन फ्लू के क्या हैं लक्षण?
H1N1 से बचने के लिए क्या करें?
छींकते और खांसते समय नाक और मुंह ढकें
साबुन और पानी से नियमित रूप से हाथ धोएं
भरपूर मात्रा में तरल पदार्थ पीएं
स्वाइन फ्लू के लक्षण वालों से दूर रहें
H1N1 स्वाइन फ्लू में क्या न करेंअपनी आंखों, नाक और मुंह को छूने से बचें
बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न लें
अगर शरीर में लक्षण हैं तो हाथ न मिलाएं
संक्रमित होने पर भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें
इस्तेमाल किए गए रुमाल/नेपकिन का दोबारा इस्तेमाल करने से बचें
स्वाइन फ्लू से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए राज्य भर की स्वास्थ्य सुविधाओं को पीपीई (PPE), N95 मास्क और ओसेल्टामिविर (Oseltamivir) जैसी जरूरी चीजों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को ILI/SARI की शुरुआती पहचान, खतरों और मामलों का सही तरीके से प्रबंधन करने के बारे में जागरूक किया गया है। निजी डॉक्टर और अस्पतालों को भी सरकार की एडवाइजरी को फॉलो करना जरूरी होगा। जिसमें H1N1 मामलों की जांच, परीक्षण और उपचार के जुड़े प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। IHIP प्लेटफॉर्म के जरिए सुपरविजन अधिकारियों को सभी मामलों की रिपोर्ट करने की सलाह दी गयी है।
साबुन और पानी से नियमित रूप से हाथ धोएं
भरपूर मात्रा में तरल पदार्थ पीएं
स्वाइन फ्लू के लक्षण वालों से दूर रहें
H1N1 स्वाइन फ्लू में क्या न करेंअपनी आंखों, नाक और मुंह को छूने से बचें
बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न लें
अगर शरीर में लक्षण हैं तो हाथ न मिलाएं
संक्रमित होने पर भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें
इस्तेमाल किए गए रुमाल/नेपकिन का दोबारा इस्तेमाल करने से बचें
स्वाइन फ्लू से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए राज्य भर की स्वास्थ्य सुविधाओं को पीपीई (PPE), N95 मास्क और ओसेल्टामिविर (Oseltamivir) जैसी जरूरी चीजों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को ILI/SARI की शुरुआती पहचान, खतरों और मामलों का सही तरीके से प्रबंधन करने के बारे में जागरूक किया गया है। निजी डॉक्टर और अस्पतालों को भी सरकार की एडवाइजरी को फॉलो करना जरूरी होगा। जिसमें H1N1 मामलों की जांच, परीक्षण और उपचार के जुड़े प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। IHIP प्लेटफॉर्म के जरिए सुपरविजन अधिकारियों को सभी मामलों की रिपोर्ट करने की सलाह दी गयी है।
