नेपाल के बाद अब कारगिल में बादल फटने से आया सैलाब, कीचड़-पत्थरों के तेज बहाव से मचा हड़कंप
August 31, 2026
नेपाल में आई भीषण तबाही का दृश्य अभी जहन अभी जहन से उतरा भी नहीं था कि जम्मू-कश्मीर के कारगिल में अचानक बादल फटने से सैलाब आ गया। कारगिल जिले के स्टाकपा-सांकू इलाके में 30 और 31 अगस्त की दरमियानी रात बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई। बादल फटने के बाद स्थानीय नाले में उफान आ गया। पानी का बहाव काफी तेज हो गया और मलबे के साथ कीचड़, बड़े पत्थर और अन्य सामग्री नीचे की ओर बहने लगी। हालांकि राहत की बात यह है कि घटना में किसी तरह की जनहानि या बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। तेज बहाव को देखकर इलाके में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही। प्रशासन ने स्थिति का जायजा लेना शुरू कर दिया है और संवेदनशील इलाकों पर नजर रखी जा रही है। लगातार बारिश के कारण हिमालयी क्षेत्र के कई हिस्सों में फ्लैश फ्लड और अचानक बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
प्रशासन के मुताबिक, स्टाकपा-सांकू क्षेत्र में संभावित खतरे को देखते हुए पहले से ही एहतियाती कदम उठाए गए थे। एसडीएम सांकू और डीसी कारगिल की निगरानी में संवेदनशील नालों और जलधाराओं की सफाई तथा उनकी जलधारण क्षमता बढ़ाने का काम किया गया था। इसी वजह से बादल फटने के बाद बड़ी मात्रा में पानी, कीचड़ और पत्थरों का बहाव नियंत्रित तरीके से आगे बढ़ सका। जलधाराओं की पानी ले जाने की क्षमता बढ़ाए जाने के कारण बादल फटने से आया पानी और मलबा बिना गांवों या किसी बड़े बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाए सिंधु नदी की ओर निकल गया। प्रशासन की टीमें स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
स्टाकपा-सांकू कारगिल से करीब 44 किलोमीटर दक्षिण में स्थित एक पहाड़ी गांव है। यह गांव सुरू घाटी रोड पर पड़ता है और आगे यह मार्ग जांस्कर घाटी की ओर जाता है। पहाड़ी क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के मद्देनजर प्रशासन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट है।
वहीं, जम्मू-कश्मीर के रियासी में लगातार बारिश के कारण ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से जलाशय में बढ़े प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए सलाल बांध के कई गेट खोल दिए गए हैं। ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के चलते बांध के जलाशय में पानी अचानक बढ़ गया था। इसके बाद बढ़े हुए पानी के दबाव और जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए गेट खोले गए। अधिकारियों के मुताबिक, जलाशय के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। प्रशासन की ओर से परिस्थितियों पर नजर रखी जा रही है, ताकि बारिश के कारण किसी भी संभावित बाढ़ की स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
कारगिल में बादल फटने और रियासी में सलाल बांध के गेट खोले जाने की घटनाएं ऐसे समय में सामने आई हैं, जब हिमालयी क्षेत्रों में लगातार बारिश के चलते कई स्थानों पर अचानक बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। प्रशासनिक एजेंसियां संवेदनशील क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
