प्रतापगढ़। जनपद में सर्पदंश से होने वाली घटनाओं में जनहानि को न्यूनतम करने के उद्देश्य से अपर जिलाधिकारी (वि0ध्रा0)ध्मुख्य कार्यपालक अधिकारी जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण आदित्य प्रजापति ने आमजन के लिए सर्पदंश की स्थिति में क्या करें और क्या न करें संबंधी एडवाइजरी जारी की है। एडवाइजरी में कहा गया है कि सर्पदंश होने पर पीड़ित को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं। जितनी जल्दी संभव हो, नजदीकी अस्पताल ले जाना सबसे जरूरी है। एंटी-स्नेक वेनम (ए0एस0वी0) ही सर्पदंश का प्रभावी उपचार है। पीड़ित को शांत एवं स्थिर रखें तथा घबराने न दें। काटे गए अंग को कम से कम हिलाएं और संभव हो तो स्थिर रखें। काटे गए स्थान पर अंगूठी, कपड़ा, जूता या टाइट कपड़े हों तो सूजन बढ़ने की आशंका को देखते हुए उन्हें तुरंत ढीला अथवा हटा दें। एडवाइजरी में बताया गया है कि काटे गए अंग को साफ पानी और साबुन से धोया जा सकता है। पीड़ित को सीधे अस्पताल ले जाएं और यदि संभव हो तो सांप का रंग अथवा आकार याद रखें, लेकिन सांप को पकड़ने की कोशिश बिल्कुल न करें।
उन्होने स्पष्ट किया है कि सर्पदंश की स्थिति में जहर चूसने, चीरा लगाने, कसकर रस्सी या पट्टी बांधने तथा झाड़-फूंक या देसी इलाज में समय गंवाने से बचें। काटे गए अंग को चाकू से काटना, चूसना या बांधना भी नुकसानदायक हो सकता है। पीड़ित को चलाने या दौड़ाने के बजाय शांत एवं स्थिर रखते हुए अस्पताल ले जाना चाहिए। उन्होने लोगों से अपील की है कि सर्पदंश की किसी भी घटना को गंभीरता से लेते हुए बिना समय गंवाए चिकित्सा सहायता लें। आपात स्थिति में एम्बुलेंस के लिए 108ध्102, आपातकालीन सहायता के लिए 112 तथा अन्य आवश्यक सहायता के लिए 1077 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रध्पीएचसीध्सीएचसी से भी संपर्क करने की अपील की गई है।
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