सुल्तानपुर। गोसाईगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत फतेहपुर संगत गांव में एक दलित किशोर को अमरूद तोड़ने के विवाद और पुरानी रंजिश के चलते बेरहमी से पीटने का गंभीर मामला सामने आया है। स्थानीय थाने में सुनवाई न होने पर पीड़िता किरन ने अपने घायल भांजे के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है।
एसपी को दिए गए शिकायती पत्र और अपने बयान में महिला ने बताया कि बीते 9 अगस्त को शाम करीब सवा पांच बजे उसका भांजा सूरज गांव में ही स्थित एक अमरूद के पेड़ पर अमरूद तोड़ने चढ़ा था। आरोप है कि तभी पुरानी रंजिश के चलते गांव के ही दिनेश निषाद, महेश और उनके पिता सुरेश निषाद ने उसके भांजे की टांग पकड़कर उसे पेड़ से नीचे खींच लिया। दबंगों ने किशोर को जातिसूचक गालियां देते हुए कहा कि उसने पेड़ पर चढ़कर अमरूद को अपवित्र कर दिया है और फिर लात-घूंसों व डंडों से उसकी बुरी तरह पिटाई की। इस हमले में किशोर का बायां हाथ टूट गया और उसे गंभीर अंदरूनी चोटें आईं। महिला के मुताबिक, चीख-पुकार सुनकर जब वह बीच-बचाव करने पहुंची, तो सुरेश निषाद कुल्हाड़ी लेकर उसे भी जान से मारने के लिए दौड़ा। ग्रामीणों के हस्तक्षेप से किसी तरह उनकी जान बच सकी। पीड़िता का आरोप है कि उसने गोसाईगंज थाने में तीन बार शिकायत दी, लेकिन पुलिस ने न तो कोई कार्रवाई की और न ही घायल का मेडिकल कराया। विवश होकर उसने जिला अस्पताल में भांजे का उपचार कराया, जहां डॉक्टरों ने उसकी स्थिति नाजुक बताई है। पीड़िता का कहना है कि आरोपी अब खुलेआम गांव में घूमकर जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं, जिससे पूरा परिवार दहशत में है। महिला ने पुलिस अधीक्षक से आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई करने और जान-माल की सुरक्षा की मांग की है।
