पीलीभीत। भारतीय किसान यूनियन के संगठनात्मक फैसलों को लेकर पीलीभीत में कार्यकर्ताओं के बीच असंतोष बढ़ता दिखाई दे रहा है। नवनियुक्त जिला अध्यक्ष गुरदीप सिंह गौगी द्वारा पूर्व जिला अध्यक्ष के कार्यकाल में गठित किए गए पदाधिकारियों को हटाए जाने को लेकर संगठन के भीतर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिला सचिव सोनू साह को पद से हटाए जाने के बाद यह मामला और तूल पकड़ता नजर आ रहा है।
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर भारतीय किसान यूनियन टिकैत के प्रदेश सचिव वेद प्रकाश शर्मा ने भी सवाल उठाते हुए प्रदेश एवं राष्ट्रीय नेतृत्व से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि संगठन में पदाधिकारियों को हटाने अथवा नई जिम्मेदारी देने की प्रक्रिया क्या निर्धारित संगठनात्मक नियमों और सामूहिक सहमति के आधार पर हो रही है, इस पर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।वेद प्रकाश शर्मा ने कहा कि यदि कार्यकर्ताओं की ओर से उठाई जा रही आपत्तियां सही हैं तो शीर्ष नेतृत्व को पूरे प्रकरण का निष्पक्ष संज्ञान लेकर जांच करानी चाहिए। इससे संगठन में अनुशासन, पारदर्शिता और लोकतांत्रिक व्यवस्था कायम रहने के साथ ही कार्यकर्ताओं के सम्मान की भी रक्षा होगी।
उन्होंने कहा कि यह किसी एक व्यक्ति के पद या प्रतिष्ठा का मामला नहीं है, बल्कि संगठन के भीतर न्यायपूर्ण व्यवस्था और कार्यकर्ताओं की आवाज को सम्मान देने से जुड़ा विषय है। उन्होंने प्रदेश एवं राष्ट्रीय नेतृत्व से पीलीभीत के कार्यकर्ताओं की बात सुनकर विवाद का समाधान कराने की अपील की।
संगठनात्मक फैसलों से नाराज कार्यकर्ताओं की ओर से 21 अगस्त को पीलीभीत में बड़े विरोध की चेतावनी दी गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में भारतीय किसान यूनियन के भीतर चल रहा यह विवाद और गहराने के आसार हैं। अब निगाहें संगठन के प्रदेश और राष्ट्रीय नेतृत्व के रुख पर टिकी हैं।
