कोहड़ौर/प्रतापगढ़। जिले में कोहड़ौर थाना क्षेत्र के मदुरा रानीगंज गांव में विवादित भूमि पर कब्जा करने और निर्माण की तैयारी किए जाने का मामला सामने आया है। मामले में गांव निवासी राघवेंद्र प्रसाद उर्फ राम चरन तिवारी ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर विपक्षियों पर जमीन पर अवैध गतिविधियां करने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने मुकदमा विचाराधीन होने का हवाला देते हुए कोहड़ौर पुलिस को मौके पर कब्जा रोकने के निर्देश देने की मांग की है।
पीड़ित का कहना है कि गाटा संख्या 667 स्थित भूमि प्रार्थी के परिवार की आबादी की भूमि है, जिस पर वह लंबे समय से काबिज-दखल चला आ रहा है। आरोप है कि गांव के कुछ सरहंग, सशक्त एवं विस्तारवादी मानसिकता के लोग धन बल के दम पर उक्त भूमि पर कब्जा करने और निर्माण कराने का प्रयास कर रहे हैं।
पीड़ित का कहना है कि विपक्षियों के खिलाफ दीवानी न्यायालय में मुकदमा विचाराधीन है। इसके बावजूद विवादित भूमि पर खंभा गाड़ने, मशीन चलाने, ईंट बिछाने समेत अन्य निर्माण कार्य कराने की तैयारी की जा रही है। तहरीर में आशंका जताई गई है कि यदि विपक्षी निर्माण कार्य में सफल हो गए तो प्रार्थी को अपूरणीय क्षति हो सकती है।
प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि 8 जुलाई 2026 को थाना दिवस में शिकायत देने के बाद हल्का सिपाही और एसआई मौके पर पहुंचे थे। प्रार्थी के मुताबिक, मौके पर विपक्षियों द्वारा जमीन पर मिट्टी डालकर कब्जा करने की बात सामने आई। आरोप है कि इस दौरान एसआई ने प्रार्थी से कहा कि जमीन पर मिट्टी डालना, खूंटा गाड़ना, चरही बनाना, जानवर बांधना अथवा चारा मशीन लगाना अवैध कब्जे की श्रेणी में नहीं आता।
प्रार्थी ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि उसकी शिकायत दर्ज कर विपक्षियों के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाए तथा दीवानी मुकदमे के विचाराधीन रहने के दौरान विवादित भूमि पर किसी भी प्रकार के कब्जे या निर्माण कार्य को रोका जाए। साथ ही कोहड़ौर पुलिस को आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की गई है।
