दरअसल, लोहरपुरी गांव के उमाशंकर (42) खेती किसानी कर परिवार का पालन-पोषण करते थे। 20 साल पहले उन्होंने 37 वर्षीय ममता से लव मैरिज की थी। दोनों का एक 18 वर्ष का बेटा विकास और एक 12 वर्ष की बेटी है। विकास गांव के कुछ लोगों के साथ रात करीब ढाई बजे थाने पहुंचा और पिता की हत्या की सूचना दी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मृतका की बेटी ने पुलिस को बताया कि शुक्रवार को शाम करीब 6 बजे उसकी मां ममता कोल्ड ड्रिंक लेकर आई थी। उसने पहले खुद पी और फिर मुझे और मेरे भाई विकास से पीने के लिए कहा, लेकिन हमने माना कर दिया।
इसके बाद मां छत पर पिता के लिए बिस्तर लगाने चली गई। जहां पिताजी को कोल्ड ड्रिंक पिलाने के बाद दोनों छत पर ही रुक गए। दोनों बच्चे नीचे कमरे में सोने चले गए। छोटी बेटी ने बताया कि रात में अचानक खटपट की आवाज हुई तो भाई को जगाया। दोनों ने ऊपर छत पर जाकर देखा तो वहां मां नहीं थी और पिता बिस्तर पर पड़े थे। उन्हें जगाने की कोशिश की, लेकिन जब कोई हरकत नहीं हुई और उनके गले में साड़ी लिपटी मिली। इसके बाद पड़ोसियों को बुलाया गया। घटना के बाद मृतक का बेटा विकास गांव वालों के साथ थाने पहुंचा। उसने पुलिस को पूरी घटना की सूचना दी।
मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, जिसके बाद वह गांव वालों के साथ मिलकर ममता को ढूंढने लगे। इसी दौरान वह घर के करीब 300 मीटर दूर ग्रामीणों को मिली, जहां से पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान पुलिस को परिजनों से जानकारी मिली कि साल 2024 में उमाशंकर गुजरात कमाने गया था। कुछ समय बाद उमाशंकर की तबीयत खराब हो गई थी। इसके बाद उसकी पत्नी ममता उसकी देखभाल करने वहां गई थी। वहीं पर ममता का नकुम भावेश नाम के युवक के साथ अफेयर हो गया।
उमाशंकर को जब यह बात पता चली तो पति और पत्नी में खूब लड़ाई हुई। इसके बाद ममता ने गुजरात में ही भावेश से कोर्ट मैरिज कर ली। 6 महीने बाद जुलाई में उमाशंकर अपनी पत्नी को लेकर पीलीभीत आ गया। इसके बाद दोनों अपने बेटे और बेटी के साथ गांव में ही रहने लगे। आए दिन ममता अपने प्रेमी के साथ जाने की बात कहती थी, जिस पर दोनों के बीच खूब लड़ाई भी होती थी। परिजनों ने आशंका जताई कि इसीलिए उसने उमाशंकर की हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
