रामपुर।उप कृषि निदेशक रामपुर की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में किसान दिवस का आयोजन किया गया। किसान दिवस में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए कृषकों एवं किसान संगठनों के प्रतिनिधियों द्वारा के रूप से कृषि सिंचाई स्वास्थ्य एवं अन्य विभागों से संबंधित समस्याएं एवं शिकायतें अधिकारियों के समक्ष रखी गईं। उप कृषि निदेशक ने किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को नियमानुसार प्राथमिकता के आधार पर उनका निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
किसान दिवस में जिला कृषि अधिकारी कुलदीप सिंह राणा द्वारा जनपद में उर्वरक की उपलब्धता के संबंध में जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि जनपद में वर्तमान में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है। उन्होंने कृषकों से अपील की कि खरीफ सीजन के लिए आवश्यकता के अनुसार प्रति हेक्टेयर 07 बैग यूरिया तथा 05 बैग डीएपीध्एनपीके की दर से उर्वरक क्रय करें। उन्होंने किसानों से उर्वरक की संतुलित एवं वैज्ञानिक तरीके से उपयोग करने का भी अनुरोध किया।
किसान दिवस में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के प्रदेश महासचिव श्री हसीब अहमद द्वारा अजीतपुर माइनर, पटवाई माइनर, अफजलपुर माइनर एवं नरखेड़ा माइनर पर अवैध कब्जों की शिकायत रखी गई। उन्होंने बताया कि विगत तीन किसान दिवसों से इन माइनरों को कब्जामुक्त कराने की मांग की जा रही है, लेकिन अभी तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। इस पर उन्होंने रोष व्यक्त करते हुए संबंधित विभाग से शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
श्री हसीब अहमद ने पनवड़िया क्रॉसिंग से अलीनगर मडैयान, वल्लू, अहमदनगर जागीर आदि ग्रामों की ओर जाने वाले टेड़ा नाला के पटे होने की समस्या भी उठाई। उन्होंने बताया कि फैक्ट्रियों से निकलने वाले दूषित पानी के कारण क्षेत्र के कृषकों की फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। कृषक श्री सहजाद, नासिर, जाकिर एवं नाजिम पुत्रगण श्री फिरासत निवासी अलीनगर जनूवी की फसलें नष्ट होने तथा गन्ना एवं पॉपुलर के पेड़ों के सूखने की शिकायत भी प्रस्तुत की गई। किसानों ने नाले में फैक्ट्रियों के दूषित पानी के प्रवाह को रोकने तथा नाले की खुदाई कराए जाने की मांग की।
इसी क्रम में भारतीय किसान यूनियन, रामपुर के मंडल सचिव जुबैद आलम ने ग्राम पंचायत सराबा, विकासखंड सैदनगर स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में चिकित्सक की तैनाती न होने की समस्या उठाई। उन्होंने बताया कि चिकित्सक की तैनाती न होने के कारण गरीब मजदूरों एवं किसानों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और अस्पताल पिछले लगभग चार माह से बंद है। उन्होंने वहां शीघ्र चिकित्सक की तैनाती कराकर स्वास्थ्य सेवाएं सुचारु कराने की मांग की।
किसान श्री प्रेमपाल सिंह सैनी, ग्राम ककरौआ द्वारा 26 नंबर कुलाबा पर कब्जे की शिकायत प्रस्तुत करते हुए उसे कब्जामुक्त कराने की मांग की गई। इसके अतिरिक्त किसान दिवस में किसानों द्वारा कृषि, सिंचाई, स्वास्थ्य एवं अन्य विभागों से संबंधित विभिन्न समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखी गईं।
उप कृषि निदेशक ने किसानों द्वारा उठाई गई सभी समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं नियमानुसार निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। विशेष रूप से सिंचाई से संबंधित शिकायतों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा किसानों को उनकी शिकायतों के निस्तारण की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि किसान दिवस किसानों की समस्याओं को सीधे सुनने और उनके समाधान का प्रभावी माध्यम है। किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। संबंधित अधिकारी किसानों की शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें और शिकायतों का स्थलीय सत्यापन एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करें।
किसान दिवस में संबंधित विभागों के अधिकारी, किसान संगठनों के प्रतिनिधि एवं कृषक मौजूद रहे।
