पीलीभीत। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को रोजगार से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सोमवार को एक और पहल की गई। नगर पालिका परिषद परिसर में माँ पूर्णागिरी मॉडल प्रेरणा कैंटीन का भव्य शुभारंभ किया गया। नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. आस्था अग्रवाल, जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह एवं पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव ने संयुक्त रूप से फीता काटकर कैंटीन का उद्घाटन किया।इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एनआरएलएम से जुड़े कार्मिक, वार्ड सदस्य एवं स्वयं सहायता समूह की महिलाएं मौजूद रहीं। कैंटीन की जिम्मेदारी विकासखंड मरौरी के अंतर्गत तुलसी प्रेरणा संकुल स्तरीय समिति से जुड़ी छह महिला सदस्यों की एसोसिएशन ऑफ पर्सन (एओपी) को सौंपी गई है। समूह की महिलाएं अब स्वयं कैंटीन का संचालन कर अपनी आय का साधन विकसित करेंगी।
माँ पूर्णागिरी मॉडल प्रेरणा कैंटीन में लोगों को सूक्ष्म जलपान, भोजन, लस्सी, कोल्ड ड्रिंक सहित अन्य खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। नगर पालिका परिसर में कैंटीन शुरू होने से कर्मचारियों, अधिकारियों और यहां आने वाले लोगों को भी सुविधाजनक रूप से जलपान एवं भोजन मिल सकेगा।
शुभारंभ के दौरान जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का उद्देश्य केवल महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ना ही नहीं, बल्कि उन्हें स्थायी रोजगार और आय के अवसर उपलब्ध कराकर आर्थिक रूप से मजबूत बनाना भी है। इसी उद्देश्य के तहत कैंटीन संचालन की जिम्मेदारी समूह की महिलाओं को दी गई है।
उन्होंने कहा कि कैंटीन के माध्यम से महिलाएं एक साथ मिलकर कार्य कर रही हैं और इससे उनके भीतर आत्मनिर्भरता की भावना मजबूत होगी। रोजगार के ऐसे अवसर ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी सतीश प्रसाद मिश्र, उपायुक्त (स्वतः रोजगार) वंदना सिंह, जिला विकास अधिकारी संजय कुमार, परियोजना निदेशक पवन कुमार सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी राजीव तिवारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी युगल किशोर संगुड़ी, खंड विकास अधिकारी मरौरी, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका, एनआरएलएम कार्मिक, वार्ड सदस्य तथा स्वयं सहायता समूह की महिलाएं उपस्थित रहीं।
मॉडल प्रेरणा कैंटीन का शुभारंभ स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के लिए रोजगार, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
