बीसलपुरः भीषण गर्मी में कांवड़ियों के लिए जल बना सहारा, चैथे और अंतिम सोमवार को भी जारी रही सेवा! दस वर्षों से सावन के प्रत्येक सोमवार बाबा गुलेश्वरनाथ मंदिर पर जलसेवा
August 24, 2026
बीसलपुर।सावन माह में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच कांवड़ियों और शिवभक्तों के लिए जलसेवा राहत का माध्यम बनी हुई है। कला ईस फाउंडेशन की ओर से पिछले दस वर्षों से सावन के प्रत्येक सोमवार को बाबा गुलेश्वरनाथ मंदिर पर जल की व्यवस्था की जा रही है। इसी क्रम में सावन के चैथे और अंतिम सोमवार को भी शिवभक्तों के लिए जलसेवा जारी रही। हरिद्वार और कछला से गंगाजल लेकर पैदल पहुंच रहे कांवड़ियों ने ठंडा पानी पीकर अपनी प्यास बुझाई और गर्मी से राहत महसूस की।प्राचीन बाबा गुलेश्वरनाथ मंदिर पर सावन के दौरान बड़ी संख्या में कांवड़िए पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। लंबी दूरी तय करके मंदिर पहुंचने वाले शिवभक्तों को गर्मी में पानी की जरूरत को देखते हुए फाउंडेशन की ओर से विशेष व्यवस्था की जाती है। सुबह करीब छह बजे से शुरू होने वाली यह सेवा देर रात तक चलती है।कला ईस फाउंडेशन के फाउंडर एवं समाजसेवी चैधरी प्रदीप सिंह पटेल और सपा महिला सभा की राष्ट्रीय सचिव एवं विधानसभा क्षेत्र 130 की पूर्व प्रत्याशी दिव्या गंगवार की ओर से पिछले दस वर्षों से सावन के प्रत्येक सोमवार को यह जलसेवा संचालित की जा रही है। चैथे और अंतिम सोमवार को भी उन्होंने स्वयं मौजूद रहकर कांवड़ियों और श्रद्धालुओं को ठंडा पानी उपलब्ध कराया।दिव्या गंगवार ने कहा कि सावन में शिवभक्त अपनी मनोकामना पूरी होने की आस्था के साथ कछला और हरिद्वार से गंगाजल लेकर कई दिनों की पैदल यात्रा करते हुए बाबा गुलेश्वरनाथ मंदिर पहुंचते हैं। भीषण गर्मी में लंबी दूरी तय करने के बाद कांवड़ियों का गला सूख जाता है और ऐसे समय में पानी उपलब्ध कराना बड़ी सेवा है। उन्होंने कहा कि प्यासे को पानी पिलाना पुण्य का कार्य है और शिवभक्तों की सेवा कर उन्हें आत्मिक संतोष मिलता है। उन्होंने कहा कि सावन का चैथा और अंतिम सोमवार होने के बावजूद सेवा कार्य में कोई कमी नहीं रखी गई। सुबह से देर रात तक आने वाले कांवड़ियों को पानी उपलब्ध कराया गया, ताकि जलाभिषेक के लिए पहुंच रहे श्रद्धालुओं को गर्मी के बीच किसी तरह की परेशानी न हो। जलसेवा में सालिक राम गंगवार, रूपलाल महातिया, अभी गंगवार, बादाम सिंह, मथुरा प्रसाद, हरिशंकर वर्मा, अयोध्या प्रसाद, ओमपाल, राजू, पूरनलाल, रामपाल कश्यप, राजेश गौतम और राकेश प्रजापति समेत अन्य लोगों ने सहयोग किया।
