भोले की भक्ति में कदम बढ़े तो हर राह आसान हो जाती है, शिव के भक्तों की सेवा में ही सच्ची आस्था नजर आती है...
पीलीभीत। सावन के अंतिम सोमवार को भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़ यात्रियों के स्वागत-सत्कार में पीलीभीत का मंडी समिति परिसर एक बार फिर आस्था और सेवा के रंग में नजर आया। पीलीभीत गन्ना विकास एवं चीनी मिल राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार ने सोमवार रात मंडी परिसर पहुंचकर कांवड़ यात्रियों का स्वागत किया और उन्हें भोजन कराया। इस दौरान उन्होंने शिवभक्तों से आत्मीयता से मुलाकात कर उनकी यात्रा के बारे में जानकारी ली।राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार ने कहा कि भगवान भोलेनाथ की कृपा से श्रद्धालुओं को कांवड़ यात्रा करने और गंगाजल लाकर भगवान शिव का जलाभिषेक करने का सौभाग्य प्राप्त होता है। यह केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि श्रद्धा, संकल्प और आस्था से जुड़ा ऐसा अनुभव है, जिसे शिवभक्त जीवनभर याद रखते हैं। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रियों की सेवा करना सौभाग्य की बात है और उनकी सुविधा के लिए हर संभव सहयोग किया जाना चाहिए।मंडी समिति परिसर में रात्रि विश्राम के लिए पहुंचे कांवड़ यात्रियों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई। श्रद्धालुओं ने भी सेवा भाव से कराए गए भोजन को प्रसाद के रूप में ग्रहण किया। परिसर में कांवड़ यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को लेकर पुलिस तथा प्रशासनिक अमला भी सक्रिय रहा।
इस दौरान जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष गोकुल प्रसाद मौर्य समेत भाजपा के पदाधिकारी, कार्यकर्ता, पुलिस अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने भी कांवड़ यात्रियों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आवश्यक सुविधाओं को लेकर जानकारी ली।कांवड़ यात्रा के दौरान मंडी समिति परिसर लंबे समय से शिवभक्तों के रात्रि विश्राम का प्रमुख पड़ाव बना हुआ है। सावन के अंतिम सोमवार से पहले गंगाजल लेकर लौटने वाले बड़ी संख्या में कांवड़ यात्री यहां रुकते हैं। रात्रि विश्राम के दौरान उनके भोजन समेत अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की जाती हैं।
यह सेवा परंपरा पिछले कई वर्षों से निरंतर चली आ रही है। हर वर्ष की तरह इस बार भी राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार स्वयं मंडी परिसर पहुंचे और शिवभक्तों के बीच समय बिताकर उनका उत्साह बढ़ाया। इससे मंडी परिसर में धार्मिक उत्साह के साथ सेवा और स्वागत का माहौल दिखाई दिया।कांवड़ यात्रियों की सेवा के दौरान कार्यकर्ताओं और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी ने व्यवस्थाओं को और मजबूती दी। देर रात तक मंडी परिसर में शिवभक्तों की आवाजाही बनी रही और हर-हर महादेव के जयघोष से वातावरण भक्तिमय नजर आया।
