पीलीभीत। पूरनपुर पुलिस ने मंगलवार ट्रक चालक की मौत के मामले में खुलासा किया जिसमें बताया गया कि 10 जुलाई की रात बड़ी नहर स्थित गुरुद्वारा धन्ना बाबा के पास ट्रक में आग लगने से चालक की मौत के मामले का सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक यह हादसा नहीं, बल्कि हत्या थी। हत्या के बाद ट्रक के केबिन में आग लगाकर वारदात को दुर्घटना का रूप देने और साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया गया था। पुलिस ने मामले में मृतक की प्रेमिका को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार 10 जुलाई की रात ट्रक संख्या श्रभ्02ज्ञ9750 में आग लगने की सूचना मिली थी। पुलिस और फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाई तो केबिन के अंदर एक व्यक्ति का जला हुआ शव बरामद हुआ। मृतक की पहचान बलविन्दर सिंह पुत्र दलीप सिंह, निवासी ग्राम बड़ा बोसैना, थाना बिलासपुर, जनपद रामपुर के रूप में हुई। वह ट्रक चालक था।
शुरुआत में मामला ट्रक में आग लगने से हुई दुर्घटना का प्रतीत हुआ, लेकिन घटनास्थल की परिस्थितियों और जांच में सामने आए तथ्यों से पुलिस का शक गहरा गया। मृतक के भाई गुरमीत सिंह की तहरीर पर 24 जुलाई को थाना पूरनपुर में मुकदमा अपराध संख्या 323ध्2026, धारा 103(1) बीएनएस के तहत अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव के निर्देश पर गठित टीमों ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया। जांच में सामने आया कि बलविन्दर की हत्या करने के बाद ट्रक के केबिन में आग लगाई गई थी, ताकि वारदात को दुर्घटना का रूप दिया जा सके।
जांच के दौरान अमनदीप कौर उर्फ अमना पत्नी सुखविन्द्र सिंह, निवासी ग्राम बड़ा बरसाना, थाना बिलासपुर, जनपद रामपुर, हाल निवासी सोढ़ी कॉलोनी, रेलवे फाटक के पास रुद्रपुर, उत्तराखंड का नाम सामने आया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त लोहे की रॉड और सफेद प्लास्टिक की डीजल केन बरामद की गई।
पुलिस पूछताछ के अनुसार, अमनदीप कौर और बलविन्दर सिंह के बीच पिछले करीब दो-तीन वर्षों से प्रेम संबंध थे। 10 जुलाई को दोनों की मुलाकात बड़ी नहर स्थित गुरुद्वारा धन्ना बाबा के पास ट्रक में हुई थी। बातचीत के दौरान प्रेम संबंध समाप्त करने को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। पुलिस का कहना है कि विवाद के दौरान अमनदीप कौर ने ट्रक के केबिन में रखी लोहे की रॉड से बलविन्दर सिंह पर वार किया, जिससे वह अचेत हो गया। इसके बाद ट्रक में रखे डीजल से केबिन में आग लगा दी गई। पुलिस के मुताबिक वारदात को दुर्घटना का रूप देने और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से आग लगाई गई थी। घटना के बाद अभियुक्ता मौके से चली गई।पुलिस ने गिरफ्तार अभियुक्ता के खिलाफ नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। बरामद लोहे की रॉड और डीजल की केन को पुलिस ने महत्वपूर्ण साक्ष्य बताया है।
