लखनऊ/मेरठ। अखिल उत्तर प्रदेश जाट महासभा ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा जयंत चैधरी के संबंध में की गई टिप्पणी की कड़ी निंदा की है। महासभा ने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन किसी समाज की भावनाओं और सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती।
महासभा ने कहा कि अखिलेश यादव की टिप्पणी के बाद मुजफ्फरनगर में समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष द्वारा जाट समाज के संबंध में की गई टिप्पणी और भी शर्मनाक एवं निंदनीय है। जाट समाज ने देश के निर्माण, सुरक्षा और कृषि व्यवस्था को मजबूत करने में हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
महासभा ने कहा कि भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री चैधरी चरण सिंह ने देश की राजनीति में गांव, गरीब, किसान, मजदूर और वंचित वर्गों को सम्मानजनक स्थान दिलाया। उन्होंने किसानों और ग्रामीण समाज को सम्मान के साथ जीने का अधिकार दिलाने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित किया।
अखिल उत्तर प्रदेश जाट महासभा ने कहा कि जाट समाज देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने में कभी पीछे नहीं रहा। यही समाज धरती का सीना चीरकर अन्न पैदा करता है और पूरे देश का पेट भरता है। देश की सुरक्षा से लेकर कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था तक जाट समाज का योगदान अतुलनीय है।
महासभा ने स्पष्ट कहा कि जाट समाज के बारे में किसी भी प्रकार की अपमानजनक टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राजनीतिक दलों और उनके नेताओं को सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा और सामाजिक सम्मान का ध्यान रखना चाहिए।
महासभा ने कहा कि जाट समाज शांतिप्रिय और लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखने वाला समाज है, लेकिन अपने सम्मान और स्वाभिमान के प्रश्न पर समाज किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा।
अखिल उत्तर प्रदेश जाट महासभा ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि सपा नेता समाज को बांटने वाली भाषा बोलना बंद करें , किसानों, जवानों तथा मेहनतकश वर्गों का सम्मान करना सीखें ।
अखिल उत्तर प्रदेश जाट महासभाप्रदेश अध्यक्ष चैधरी अमन सिंह महासचिव कर्नल शिव प्रताप सिंह और जाट महासभा के प्रदेश प्रवक्ता गजेंद्र सिंह पायल ने यह बयान जारी करते हुए कहा कि मातृभूमि की रक्षा के लिए डटकर खड़े रहने वालेऔर अपने पसीने से खेतों को सींच कर अन्न उप जाने वाले उस समाज को जिसके विषय मे इस सच को पूरे देश और प्रदेश का गांव और गरीब किसान मजदूर जानता है उसके लिए लगतार अपमानजनक शब्दों का जो इस्तमाल किया जा रहा है वह बर्दाश्त काबिल नहीं है।
