बीसलपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता सूची में नाम शामिल होने के बावजूद झोपड़ी में जीवन गुजार रहे एक गरीब व्यक्ति का नाम सूची से हटाए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर पूरे मामले की जांच कराने, स्थलीय सत्यापन कराने और पात्र पाए जाने पर प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाए जाने की मांग की है।
विकासखंड क्षेत्र के गांव ढकवारा निवासी बबलू पुत्र बृह्मानंद ने जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उसके पास रहने के लिए पक्का मकान नहीं है और वह लंबे समय से झोपड़ी बनाकर अपना गुजर-बसर कर रहा है। आवास की आवश्यकता को देखते हुए उसने जनसुनवाई पोर्टल पर अपनी झोपड़ी का फोटो डालकर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद एडीओ पंचायत मौके पर जांच करने पहुंचे थे। उन्होंने मौके पर मौजूद झोपड़ी का फोटो भी खींचा था। पीड़ित के अनुसार, कुछ दिन पहले तक उसका नाम प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता सूची में दर्ज था, लेकिन बाद में उसका नाम सूची से हटा दिया गया।
बबलू ने जब इस संबंध में खंड विकास अधिकारी से जानकारी की तो उसे बताया गया कि उसका नाम एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के माध्यम से पात्रता सूची से हटाया गया है। इस पर पीड़ित ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब वह वास्तव में झोपड़ी में रह रहा है और उसके पास रहने के लिए पक्का मकान नहीं है तो उसका नाम पात्रता सूची से किस आधार पर हटाया गया।
पीड़ित ने जिलाधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच कराने के साथ ही मौके पर स्थलीय सत्यापन कराए जाने की मांग की है। उसने पात्र पाए जाने पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास का लाभ दिलाए जाने की गुहार लगाई है।
