पीलीभीतः वन्यजीव संरक्षण में नरेश कुमार लोधी के योगदान को मिला विशिष्ट सेवा सम्मान! डब्लू डब्लू एफ-इंडिया ने किया सम्मानित मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने और ग्रामीणों की आजीविका बढ़ाने में निभाई अहम भूमिका
August 09, 2026
पीलीभीत। वन्यजीव संरक्षण, मानव-वन्यजीव संघर्ष निवारण तथा सीमावर्ती एवं वन क्षेत्रों में ग्रामीणों की आजीविका के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए नरेश कुमार लोधी को विश्व प्रकृति निधि-भारत की ओर से विशिष्ट सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान वन्यजीव संरक्षण एवं समाज सेवा के क्षेत्र में उनके लंबे समय से किए जा रहे कार्यों की सराहना के रूप में प्रदान किया गया। नरेश कुमार लोधी वर्ष 2004 से जुड़कर वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने नेपाल सीमा क्षेत्र तथा जंगलों से सटे गांवों में विकास और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किए। उनके प्रयासों से एक हजार से अधिक महिलाओं एवं पुरुषों को विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जोड़ा गया, जिससे ग्रामीण परिवारों को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिली। उन्होंने युवाओं और वन विभाग के कर्मचारियों के लिए अनेक प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए। इन कार्यक्रमों के माध्यम से वनकर्मियों को वन्यजीव संरक्षण, निगरानी तथा मानव-वन्यजीव संघर्ष की परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया गया। नरेश लोधी के मार्गदर्शन में पीलीभीत टाइगर रिजर्व, दक्षिण खीरी वन प्रभाग, अमानगढ़ टाइगर रिजर्व और रानीपुर टाइगर रिजर्व सहित विभिन्न क्षेत्रों में एम-स्ट्राइप्स प्रणाली के सफल प्रयोग एवं प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई। इससे वन्यजीवों की निगरानी और संरक्षण कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिली।मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने की दिशा में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनके प्रयासों से पीलीभीत टाइगर रिजर्व से ‘बाघ मित्र’ कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इस पहल की सराहना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भी की गई। वर्तमान में ‘बाघ मित्र’ कार्यक्रम को देश के विभिन्न वन प्रभागों और राज्यों में अपनाया जा रहा है।वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए नरेश कुमार लोधी को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा भी सम्मानित किया जा चुका है। इससे पूर्व समाज सेवा के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वारा उन्हें राष्ट्रपति रोवर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।दिल्ली में आयोजित सम्मान समारोह में डब्लू डब्लू एफ-इंडिया के हेड तराई आर्क लैंडस्केप अनिल कुमार सिंह, तराई ईस्ट हेड डॉ. मुदित गुप्ता सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। हालांकि अपरिहार्य कारणों के चलते नरेश कुमार लोधी दिल्ली पहुंचकर पुरस्कार ग्रहण नहीं कर सके। इसके बाद पीलीभीत में मनीष सिंह ने उन्हें अपने कर-कमलों से विशिष्ट सेवा सम्मान प्रदान किया।नरेश कुमार लोधी को मिले इस सम्मान पर डब्लू डब्लू एफ-इंडिया के अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उम्मीद जताई कि वह आगे भी वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, मानव-वन्यजीव संघर्ष निवारण और ग्रामीण आजीविका के क्षेत्र में अपना महत्वपूर्ण योगदान जारी रखेंगे।
